Seshasayee Paper and Boards ने अपने हाफ-ईयर नतीजों में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रॉफिट में **96%** का उछाल दर्ज किया है और मुनाफा बढ़कर **₹74.22 करोड़** हो गया है। हालांकि, मैनेजमेंट ने बढ़ती लागत को लेकर सतर्क किया है।
मुनाफे की रफ्तार और रेवेन्यू में इजाफा
कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई छमाही के लिए बेहद मजबूत आंकड़े पेश किए हैं। पिछले साल की समान अवधि के ₹37.84 करोड़ के मुकाबले इस बार कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) बढ़कर ₹74.22 करोड़ पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 36% बढ़कर ₹995.14 करोड़ रहा है। इस दौरान सेल्स वॉल्यूम 27% बढ़कर 1,32,368 टन रही।
क्यों आई इतनी बड़ी तेजी?
कंपनी ने घरेलू और विदेशी दोनों बाजारों में बेहतर ऑर्डर मिलने का फायदा उठाया है। प्रोडक्शन एफिशिएंसी में सुधार के चलते कुल आउटपुट 16% बढ़कर 1,38,241 टन तक पहुंच गया, जिससे कंपनी की मार्केट पोजीशन काफी मजबूत हुई है।
आगे की राह और चुनौतियां (Management Outlook)
कंपनी ने Q3 FY27 के लिए थोड़ा सतर्क रुख अपनाया है। पश्चिम एशिया (West Asian) संकट के कारण समुद्री फ्रेट (freight) रेट्स में भारी बढ़ोतरी हुई है, जो एक्सपोर्ट मार्जिन पर असर डाल रही है। इसके अलावा, कोयला, केमिकल और लकड़ी की बढ़ती कीमतें घरेलू मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं। हालांकि, कंपनी Q3 में 52.8 MWp सोलर और 9 MW विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स शुरू करने की तैयारी में है, जिससे ऊर्जा खर्च में कटौती की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट्स की स्थिति और रिस्क
ईरोड (Erode) यूनिट में MDP-IV प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही, यूनिट-3 के अधिग्रहण (Acquisition) का मामला फिलहाल NCLAT के अंतिम आदेश के इंतजार में पेंडिंग है। निवेशकों को आने वाले दिनों में बढ़ती वेरिएबल कॉस्ट और यूनिट-3 से जुड़ी कानूनी अनिश्चितता पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।
