Sejal Glass ने FY26 के लिए **₹401.36 करोड़** का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और **₹29.03 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। यह ग्रोथ UAE सब्सिडियरी के दम पर आई है। कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता भी बढ़ाई है और फायर-रेटेड ग्लास सेगमेंट में एंट्री मारी है।
Sejal Glass FY26 नतीजे: कंसोलिडेटेड Profit ₹29 करोड़, क्षमता विस्तार जारी
कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹401.36 करोड़
कंसोलिडेटेड PAT: ₹29.03 करोड़
मुख्य बात: UAE ऑपरेशंस से जोरदार कंसोलिडेटेड ग्रोथ; स्टैंडअलोन इकाई इंटीग्रेशन चुनौतियों का सामना कर रही है।
**क्या हुआ?
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Sejal Glass Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अपने नतीजों की घोषणा की है। कंपनी ने ₹401.36 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹29.03 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। हालांकि, स्टैंडअलोन इकाई ने ₹1.93 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है।
**क्यों मायने रखता है?
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ये नतीजे कंपनी के कंसोलिडेटेड परफॉर्मेंस और स्टैंडअलोन ऑपरेशंस के बीच एक बड़ा अंतर दिखाते हैं। कंसोलिडेटेड परफॉर्मेंस को इंटरनेशनल सब्सिडियरी से बूस्ट मिला है, जबकि स्टैंडअलोन ऑपरेशंस नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं के इंटीग्रेशन से जूझ रहे हैं।
**पर्दे के पीछे की कहानी
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Sejal Glass 'स्पीड - स्केल - सस्टेनेबिलिटी' की स्ट्रैटेजी पर फोकस कर रही है। FY26 में, इसमें टालोजा (Taloja) और इरोड (Erode) में नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं को इंटीग्रेट करना शामिल था, जिससे कंपनी की कुल टेम्परिंग क्षमता 7.80 लाख वर्ग मीटर प्रति वर्ष से बढ़कर 24.01 लाख वर्ग मीटर प्रति वर्ष हो गई। कंपनी ने फायर-रेटेड ग्लास बनाने के लिए चेक गणराज्य की पॉलीमर टेक्नोलॉजी (Polymer Technology) के साथ एक टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग एग्रीमेंट भी किया है।
**अब क्या बदलेगा?
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कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY 2025-26 के लिए किसी भी डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश न करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य भविष्य की ग्रोथ और कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए प्रॉफिट को बनाए रखना है। Sejal Glass ने वर्किंग कैपिटल और स्ट्रेटेजिक इनिशिएटिव्स को फंड करने के लिए प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के जरिए ₹72.15 करोड़ और कन्वर्टिबल वारंट्स (Convertible Warrants) के जरिए ₹22.20 करोड़ जुटाए हैं।
**ध्यान रखने योग्य जोखिम
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स्टैंडअलोन प्रॉफिटेबिलिटी एक चिंता का विषय बनी हुई है। नए अधिग्रहित यूनिट्स पर अनएब्जॉर्ब्ड ओवरहेड्स (unabsorbed overheads) और कम फिक्स्ड कॉस्ट एब्जॉर्प्शन (fixed cost absorption) इसका कारण हैं। बाहरी जोखिमों में पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) जो ट्रेड और सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकते हैं, और कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता (volatility in raw material costs) शामिल हैं।
**साथी कंपनियों से तुलना
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(फाइलिंग में कोई सीधी पीयर तुलना डेटा उपलब्ध नहीं है।)
**समय-आधारित मेट्रिक्स (Context Metrics)
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- UAE सब्सिडियरी के रेवेन्यू में साल-दर-साल 59.15% की वृद्धि हुई।
- UAE सब्सिडियरी के EBITDA मार्जिन 13.5% से बढ़कर 17% हो गए।
- कुल टेम्परिंग क्षमता 7.80 लाख वर्ग मीटर से बढ़कर 24.01 लाख वर्ग मीटर प्रति वर्ष हो गई।
- प्रेफरेंशियल इश्यू और वारंट्स के माध्यम से ₹94.35 करोड़ जुटाए गए।
**आगे क्या देखें?
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निवेशक टालोजा और इरोड सुविधाओं पर कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (capacity utilization) में वृद्धि की बारीकी से निगरानी करेंगे। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि यह भविष्य में ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiencies) और बेहतर मार्जिन को बढ़ावा देगा, जो उनकी 'लक्ष्य 2030' (Lakshya 2030) रणनीति के अनुरूप है।
