Sejal Glass ने अपनी 28वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹401 करोड़ से अधिक का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी ने **₹29 करोड़** के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) का भी ऐलान किया और 'लक्ष्य 2030' विजन पेश किया, जिसमें स्पीड, स्केल और सस्टेनेबिलिटी पर ज़ोर दिया गया है।
Sejal Glass ने FY26 में ₹401 करोड़ रेवेन्यू पार किया, भविष्य की ग्रोथ की बनाई रणनीति
Sejal Glass Ltd. ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹401 करोड़ से अधिक का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल करने की घोषणा की है। कंपनी ने अपनी 28वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में यह जानकारी दी। इसके साथ ही, कंपनी ने ₹29 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) और ₹66 करोड़ का EBITDA भी दर्ज किया है।
निवेशकों के लिए खास
कंपनी के लिए यह रेवेन्यू माइलस्टोन संचालन के बड़े पैमाने को दर्शाता है। वहीं, पॉजिटिव PAT यह बताता है कि कंपनी इस रेवेन्यू को प्रॉफिट में बदलने में सफल रही है, जो शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण है। AGM में पेश की गई स्ट्रेटेजिक रोडमैप भविष्य की ग्रोथ को लेकर अहम संकेत देती है।
क्या है कंपनी की रणनीति?
वित्त वर्ष 2025-26 को मैनेजमेंट ने एक लैंडमार्क ईयर बताया है। कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को इंटीग्रेट करने और वैल्यू-एडेड व स्पेशलाइज्ड ग्लास सॉल्यूशंस की ओर प्रोडक्ट पोर्टफोलियो बढ़ाने पर काम कर रही है।
'लक्ष्य 2030' का रोडमैप
कंपनी ने 'स्पीड - स्केल - सस्टेनेबिलिटी' पर आधारित अपनी लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटेजी 'लक्ष्य 2030' पेश की है। इसके तहत, कंपनी अपनी टालोजा और इरोड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को इंटीग्रेट करेगी। साथ ही, फायर-रेटेड और रेलवे-ग्रेड ग्लास जैसे नए प्रोडक्ट्स शामिल किए जाएंगे। कंपनी UAE और GCC रीजन में अपनी इंटरनेशनल प्रेज़ेंस बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि कंपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी बता रही है, निवेशकों को GCC रीजन में इंटरनेशनल एक्सपेंशन की सफलता और नए प्रोडक्ट्स से मार्जिन पर पड़ने वाले असर पर नज़र रखनी चाहिए।
खास मेट्रिक्स (समय-सीमा के अनुसार)
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (FY 2025-26): ₹401 करोड़ से ज़्यादा
- EBITDA (FY 2025-26): ₹66 करोड़
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (FY 2025-26): ₹29 करोड़
आगे क्या देखें?
निवेशकों को Sejal Glass के UAE और GCC रीजन में इंटरनेशनल एक्सपेंशन और स्पेशलाइज्ड ग्लास प्रोडक्ट्स से होने वाले रेवेन्यू पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए। 'लक्ष्य 2030' विजन के मुकाबले कंपनी की परफॉरमेंस भी अहम होगी।
