Sealmatic India: रेवेन्यू में मामूली बढ़त, प्रॉफिट **35%** गिरा! जानिए क्या है वजह

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Sealmatic India: रेवेन्यू में मामूली बढ़त, प्रॉफिट **35%** गिरा! जानिए क्या है वजह

Sealmatic India ने FY26 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में **2%** की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह **₹103.07 करोड़** रहा। हालांकि, खासकर स्पेशलाइज्ड सीलिंग प्रोजेक्ट्स में हुए निवेश और UAE में नए ज्वाइंट वेंचर के कारण नेट प्रॉफिट में **35%** की भारी गिरावट आई है और यह **₹10.32 करोड़** पर आ गया है।

Sealmatic India के FY26 के नतीजे: रेवेन्यू बढ़ा, पर प्रॉफिट में गिरावट

Sealmatic India Ltd ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने ₹103.07 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल (FY25) के ₹100.97 करोड़ की तुलना में मामूली बढ़ोतरी है। लेकिन, कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 35% गिरकर ₹10.32 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹15.91 करोड़ था। EBITDA में भी 26% की गिरावट आई है, जो ₹24.84 करोड़ से घटकर ₹18.38 करोड़ हो गया है।

मुनाफे पर क्यों पड़ा असर?

रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद प्रॉफिट में आई इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी द्वारा स्पेशलाइज्ड सीलिंग प्रोजेक्ट्स, खासकर डिफेंस, न्यूक्लियर पावर और ऑयल एंड गैस सेक्टर्स के लिए किए गए निवेश हैं। इसके अलावा, कंपनी ने UAE में High Technology FZ LLC के साथ 50% की हिस्सेदारी वाला ज्वाइंट वेंचर 'Sealtech Seals Repairs and Maintenance LLC' भी बनाया है, जिसका मकसद मेंटेनेंस ऑपरेशन्स को स्थानीय स्तर पर ले जाना है।

निवेशकों को डिविडेंड और बोनस

कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹1.10 प्रति इक्विटी शेयर (11%) का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इससे पहले, कंपनी ने 24 नवंबर 2025 को 2:10 के अनुपात में 18,09,995 इक्विटी शेयर्स का बोनस इश्यू भी पूरा किया था।

आगे क्या उम्मीदें?

निवेशक अब FY27 में कंपनी के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखेंगे। यह देखा जाएगा कि रणनीतिक निवेश और नए मध्य पूर्व ज्वाइंट वेंचर का कंपनी के नतीजों पर क्या असर पड़ता है। UAE में मेंटेनेंस ऑपरेशन्स का सफल लोकलाइजेशन भविष्य के विकास और मार्जिन सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जोखिम और चुनौतियां

निवेशों और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। कंपनी के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वह इन रणनीतिक निवेशों को बेहतर मुनाफे और लगातार ऑर्डर बुक ग्रोथ में बदल पाए।

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