Scoda Tubes का FY26 प्रॉफिट 22% बढ़ा, ऑपरेशनल चुनौतियों के बावजूद
Scoda Tubes Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। FY26 में कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में सालाना आधार पर 22% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹38.8 करोड़ पर पहुंच गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी का रेवेन्यू ₹518.7 करोड़ रहा। कंपनी के पास वर्तमान में ₹175 करोड़ का ऑर्डर बुक भी है।
क्या हुआ ख़ास?
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, Scoda Tubes ने ₹518.7 करोड़ का रेवेन्यू और ₹76.2 करोड़ का EBITDA दर्ज किया, जो 14.7% का मार्जिन दर्शाता है। FY26 के लिए प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹38.8 करोड़ था, जिसका PAT मार्जिन 7.5% रहा। कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए PAT में 22% की सालाना ग्रोथ बताई है।
हालांकि, चौथी तिमाही (Q4 FY26) में PAT में सालाना आधार पर 7% की गिरावट आई और यह ₹6.3 करोड़ रहा। इसका मुख्य कारण मार्च में गैस (PNG) की कमी के चलते 15-17 दिनों तक प्लांट बंद रहना था, जिससे फिक्स्ड कॉस्ट का अंडर-एब्जॉर्प्शन हुआ और प्रोडक्शन वॉल्यूम पर 40% का असर पड़ा।
यह क्यों मायने रखता है?
Q4 की ऑपरेशनल दिक्कतों के बावजूद, पूरे साल की PAT ग्रोथ कंपनी के लचीलेपन को दिखाती है। कंपनी अब सिर्फ सीमलेस (seamless) सेगमेंट से आगे बढ़कर एक डाइवर्सिफाइड स्टेनलेस स्टील प्लेयर बनने की ओर बढ़ रही है। मैनेजमेंट का भरोसा FY27 के अपने गाइडेंस में भी झलकता है, जिसमें 25% रेवेन्यू ग्रोथ और 14-15% के EBITDA मार्जिन को बनाए रखने का अनुमान है। यह कंपनी की रिकवरी और विस्तार की रणनीति का संकेत देता है।
पुरानी कहानी
FY25 में Scoda Tubes का EBITDA मार्जिन 16.1% था। FY26 में यह 14.7% तक गिर गया, जिसे मैनेजमेंट नए कैपेसिटी के चालू होने और फिक्स्ड कॉस्ट के अंडर-एब्जॉर्प्शन का नतीजा बता रहा है। सप्लाई चेन में आई रुकावटों और लंबे पेमेंट साइकल के कारण इंडस्ट्री में रिसीवेबल्स (receivables) भी बढ़े हैं।
अब क्या बदलेगा?
Scoda Tubes एक बड़ी कैपेसिटी एक्सपेंशन की तैयारी में है। कंपनी 20,000 MT/एनम की सीमलेस कैपेसिटी और 21,150 MT की वेल्डेड कैपेसिटी H1 FY28 तक बढ़ाने की योजना बना रही है। इसके लिए FY27 में लगभग ₹45 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) किया जाएगा। इस विस्तार का मकसद डेटा सेंटर्स, HVAC और पावर जैसे ग्रोथ सेक्टर्स की मांग को पूरा करना है।
जोखिम
मुख्य चिंताओं में एनर्जी प्राइस और लॉजिस्टिक्स पर चल रहे जियो-पॉलिटिकल रिस्क का असर शामिल है, जिससे कंटेनर की कमी और मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। कंपनी को उम्मीद है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए FY27 में कर्ज बढ़कर लगभग ₹250 करोड़ तक पहुंच सकता है। इन्वेंटरी डेज (inventory days) वर्तमान में 217 पर ऊंचे हैं, जिसे FY27 में घटाकर 160-170 दिन करने का लक्ष्य है।
पीयर कम्पेरिज़न
हालांकि फाइलिंग में प्रतिस्पर्धियों के मार्जिन का विशेष डेटा नहीं दिया गया है, मैनेजमेंट का कहना है कि FY26 के EBITDA मार्जिन में गिरावट नए कैपेसिटी के आने और फिक्स्ड कॉस्ट के अंडर-एब्जॉर्प्शन का एक अस्थायी परिणाम है। कंपनी का लक्ष्य FY27 के गाइडेंस के अनुसार मार्जिन को 14-15% की रेंज में वापस लाना है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को कैपेसिटी एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन, इन्वेंटरी डेज को सफलतापूर्वक कम करने और कंपनी की कर्ज के स्तर को प्रबंधित करने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। Q4 की दिक्कतों के बाद ऑपरेशनल रिकवरी और FY27 के ग्रोथ गाइडेंस को हासिल करना महत्वपूर्ण होगा।
