Schneider Electric President Systems को पहली तिमाही में बड़ा झटका लगा है। कंपनी का मुनाफा **45%** घटकर **₹4.47 करोड़** रह गया, जबकि रेवेन्यू **16.88%** बढ़कर **₹109.53 करोड़** हो गया। बढ़ती लागत ने कंपनी के मार्जिन पर भारी चोट पहुंचाई है।
क्यों हुआ मुनाफा कम?
Schneider Electric President Systems Limited ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के मुनाफे में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछली साल इसी अवधि में ₹8.14 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाने वाली कंपनी इस बार सिर्फ ₹4.47 करोड़ का मुनाफा ही दर्ज कर पाई है। यानी, मुनाफा 45.09% तक गिर गया। इसी के साथ, कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) भी 45.02% घटकर ₹3.70 रह गई, जो पिछले साल ₹6.73 थी।
रेवेन्यू में हुई बढ़ोतरी
इन निराशाजनक मुनाफे के आंकड़ों के बावजूद, कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। Q1 FY27 में कंपनी का रेवेन्यू 16.88% बढ़कर ₹109.53 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹93.71 करोड़ था। कुल आय ₹111.44 करोड़ रही।
लागत का बढ़ता बोझ
दरअसल, कंपनी के मुनाफे पर सबसे बड़ा असर कच्चे माल (Raw Material) और अन्य कंपोनेंट्स की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी का पड़ा है। इस तिमाही में कंपनी का रॉ मैटेरियल पर खर्च ₹81.17 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल ₹58.29 करोड़ था। लागत में इस ज़बरदस्त इजाफे ने कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
आगे क्या?
कंपनी ने ₹2026-27 के लिए देवेंद्र कुमार शर्मा को नया इंटरनल ऑडिटर नियुक्त किया है। साथ ही, बोर्ड ने कुछ मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन को भी मंजूरी दी है, जिसके लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी की आवश्यकता होगी। investors अब यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि कंपनी बढ़ती लागतों से कैसे निपटती है और भविष्य में मुनाफा कैसे बढ़ाती है।
