Schneider Electric Infrastructure ने पहली तिमाही में रिकॉर्ड **915 करोड़ रुपये** का ऑर्डर हासिल किया है। कंपनी का बैकलॉग बढ़कर **2,100 करोड़ रुपये** हो गया है, जो पिछले साल की तुलना में **33%** ज्यादा है। यह तेजी डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे नए सेग्मेंट से आ रही है। हालांकि, कमोडिटी की महंगाई और पुराने प्रोजेक्ट्स के कारण पहली तिमाही में मार्जिन पर दबाव देखा गया, लेकिन मैनेजमेंट को आने वाली तिमाहियों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
Schneider Electric Infrastructure का शानदार प्रदर्शन!
Schneider Electric Infrastructure Ltd. ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में एक मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी के ऑर्डर इनटेक (Order Intake) ने 915 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर को छुआ है। इसी के साथ, कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग (Order Backlog) बढ़कर लगभग 2,100 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 33% अधिक है।
नए सेग्मेंट्स से बड़ी ग्रोथ
यह शानदार वृद्धि मुख्य रूप से डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते हुए क्षेत्रों से आ रही है। ये नए सेग्मेंट्स अब कंपनी के कुल बैकलॉग में 20% से अधिक का योगदान दे रहे हैं, जो कंपनी के पारंपरिक पावर और ग्रिड व्यवसाय को और मजबूत कर रहे हैं।
मार्जिन पर दबाव, पर भविष्य उज्ज्वल
कंपनी को पहली तिमाही में मार्जिन पर कुछ दबाव का सामना करना पड़ा। इसके मुख्य कारण कमोडिटी की कीमतों में वृद्धि (Commodity Inflation) और पुराने फिक्स्ड-प्राइस कॉन्ट्रैक्ट्स (Legacy Fixed-Price Contracts) का निष्पादन रहे। इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में प्रदर्शन बेहतर होगा।
भविष्य के लिए उठाए कदम
कंपनी ने इनपुट लागत में वृद्धि (Input Cost) को नियंत्रित करने के लिए नए कॉन्ट्रैक्ट्स में अनिवार्य प्राइस वेरिएशन क्लॉज (Price Variation Clauses) लागू किए हैं और कीमतों में बढ़ोतरी भी की है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इन उपायों और वित्तीय वर्ष के दौरान ऑपरेटिंग लीवरेज (Operating Leverage) के प्राकृतिक संतुलन से अगले तीन तिमाहियों में लाभप्रदता (Profitability) में सुधार होगा।
जोखिम और आगे क्या?
निवेशकों को कमोडिटी की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के मार्जिन पर पड़ने वाले असर पर नजर रखनी चाहिए, खासकर पुराने ऑर्डर्स के लिए। इसके अलावा, परियोजनाओं के निष्पादन में जोखिम और विदेशी मुद्रा की अस्थिरता (Foreign Exchange Volatility) भी कुछ चुनौतियां पेश कर सकती हैं।
अन्य मुख्य बिंदु
- कंपनी ने पिछले तीन वर्षों में तीन प्लांट में लगभग 500 करोड़ रुपये का कैपेक्स (Capex) निवेश किया है।
- कंपनी का लक्ष्य निर्यात राजस्व (Export Revenue) को कुल राजस्व का 10-12% तक बढ़ाना है।
- पहली तिमाही में, कंपनी के राजस्व में लगभग 5% की साल-दर-साल वृद्धि देखी गई।
- तिमाही के लिए EBIT 32 करोड़ रुपये रहा।
- लगभग 8% रुपये की गिरावट ने लागत को प्रभावित किया है, क्योंकि कंपनी के COGS में 10-15% का आयातित माल शामिल है।
