Schneider Electric Infrastructure Limited को वडोदरा के अपीलीय प्राधिकरण से बड़ा झटका मिला है। फाइनेंशियल ईयर 2021-22 से जुड़े ITC मिसमैच मामले में कंपनी पर **₹3.58 करोड़** की टैक्स डिमांड बरकरार रखी गई है।
मामला क्या है?
कंपनी को कमिश्नर (अपील्स), वडोदरा की ओर से यह आदेश मिला है, जिसमें दिसंबर 2025 में जारी किए गए मूल आदेश को सही ठहराया गया है। इस कुल ₹3,57,67,051 की देनदारी में ₹3.25 करोड़ का टैक्स और ₹32.51 लाख का ब्याज व जुर्माना शामिल है।
क्यों हुआ विवाद?
यह सारा मामला फाइनेंशियल ईयर 2021-22 के दौरान GSTR-3B और GSTR-2A/2B के बीच 'इनपुट टैक्स क्रेडिट' (ITC) के मिलान (Reconciliation) को लेकर है। अधिकारियों का मानना है कि कंपनी ने 'All Other ITC' और 'इंपोर्ट ऑफ गुड्स' जैसी श्रेणियों में जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए, जिससे यह अंतर पैदा हुआ।
कंपनी का क्या कहना है?
मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि इससे कंपनी के रूटीन ऑपरेशंस पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। फिलहाल, कंपनी इस ऑर्डर का बारीकी से अध्ययन कर रही है और आगे कानूनी रास्ता अपनाने या भुगतान करने पर विचार कर रही है। हालांकि, निवेशकों को नजर रखनी होगी कि क्या कंपनी इसे GST ट्रिब्यूनल में चुनौती देगी या विवाद को यहीं खत्म करने का फैसला करेगी।
