Schneider Electric Infrastructure ने अपने कोलकाता स्थित मीडियम वोल्टेज कंपोनेंट्स प्लांट के विस्तार के लिए **₹211 करोड़** के निवेश को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के जरिए फाइनेंशियल ईयर **2028-29** तक वैक्यूम इंटर्रप्टर्स और ब्रेकर्स की उत्पादन क्षमता में भारी इजाफा होगा।
उत्पादन क्षमता में बड़ा उछाल
कंपनी की योजना के अनुसार, इस निवेश का मुख्य उद्देश्य एक्सपोर्ट और ग्लोबल डिमांड को पूरा करना है। वर्तमान में वैक्यूम इंटर्रप्टर्स की क्षमता 250,000 यूनिट्स है, जिसे बढ़ाकर 375,000 यूनिट्स सालाना करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, कंपनी ब्रेकर्स की एक नई प्रोडक्शन लाइन भी शुरू करेगी, जिसकी क्षमता 18,000 यूनिट्स प्रति वर्ष होगी।
निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत
कंपनी इस विस्तार के लिए इंटरनल कैश और बाहर से लिए गए कर्ज का मिला-जुला उपयोग करेगी। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी के डेट-टू-इक्विटी (Debt-to-Equity) रेशियो पर नजर बनाए रखें, क्योंकि अधिक कर्ज कंपनी की बैलेंस शीट पर असर डाल सकता है। इसके अलावा, प्रोजेक्ट की डेडलाइन और कॉस्ट ओवररन (Cost Overrun) पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
आगे क्या उम्मीद करें?
शेयरधारकों को अब हर तिमाही में इस एक्सपेंशन प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर गौर करना चाहिए। यह फैसला न केवल कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि आने वाले वर्षों में कंपनी को ग्लोबल मार्केट में और मजबूती देगा।
