Schneider Electric Infrastructure का FY26 का एनुअल रिपोर्ट आ गया है। कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा है और ऑर्डर इंटेक में भी जोरदार उछाल आया है, लेकिन इनपुट कॉस्ट बढ़ने से प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ा है। कंपनी अपनी क्षमता बढ़ा रही है और बोर्ड में नए अपॉइंटमेंट्स भी हुए हैं।
Schneider Electric Infrastructure FY26 एनुअल रिपोर्ट
Schneider Electric Infrastructure का FY 2025-26 में रेवेन्यू 9.6% बढ़कर ₹2,891 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹2,637 करोड़ था। ऑर्डर इंटेक में जबरदस्त 27.4% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹3,430 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹2,692 करोड़ था। कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग भी 50.1% बढ़कर ₹1,911 करोड़ हो गया है।
क्या है खास
कंपनी ने FY 2025-26 के लिए अपनी एनुअल रिपोर्ट जारी कर दी है। मुख्य वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो रेवेन्यू में 9.6% की वृद्धि के साथ यह ₹2,891 करोड़ रहा। वहीं, ऑर्डर इंटेक में 27.4% का उछाल देखकर यह ₹3,430 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के ऑर्डर बैकलॉग में भी 50.1% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई, जो अब ₹1,911 करोड़ है।
हालांकि, इनपुट कॉस्ट, जैसे कि कॉपर, एल्युमिनियम और स्टील के महंगे होने के साथ-साथ एक एक्सेप्शनल आइटम के चलते, कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 4.6% घटकर ₹389 करोड़ रह गया। इसी तरह, पैट (Profit After Tax) में 20.6% की गिरावट आई और यह ₹213 करोड़ पर आ गया।
क्यों है यह अहम?
ऑर्डर इंटेक और बैकलॉग में इतनी बड़ी वृद्धि भविष्य में मजबूत रेवेन्यू की संभावनाओं की ओर इशारा करती है। यह कंपनी के प्रोडक्ट्स की लगातार बढ़ती मांग को भी दर्शाता है। लेकिन, प्रॉफिटेबिलिटी में आई कमी यह भी बताती है कि कंपनी कमोडिटी की कीमतों के उतार-चढ़ाव के प्रति कितनी संवेदनशील है, जो निर्माताओं के लिए एक बड़ी चुनौती है।
पिछली कहानी
पिछले फाइनेंशियल ईयर, FY 2024-25 में, Schneider Electric Infrastructure ने ₹2,637 करोड़ का रेवेन्यू और ₹2,692 करोड़ का ऑर्डर इंटेक दर्ज किया था। कंपनी ने FY 2025-26 के लिए कोई डिविडेंड (Dividend) नहीं देने की सिफारिश की थी, ताकि विस्तार के लिए संसाधनों को बचाया जा सके।
आगे क्या?
- कंपनी अपने वडोदरा और कोलकाता प्लांट्स में कैपेसिटी एक्सपेंशन (क्षमता विस्तार) पर काम कर रही है। 31 जुलाई, 2026 तक इसमें ₹477 करोड़ का निवेश किया जा चुका है।
- श्री उदय सिंह 15 सितंबर, 2026 से तीन साल के लिए एमडी और सीईओ (MD & CEO) के पद पर फिर से नियुक्त किए गए हैं।
- श्री सौम्या बागची और सुश्री निरूपा चंदर को क्रमशः होल-टाइम डायरेक्टर और नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में 14 अगस्त, 2026 से नियुक्त किया गया है।
जोखिम
इनपुट कमोडिटी (कॉपर, एल्युमिनियम, स्टील) की बढ़ती कीमतें अभी भी प्रॉफिट मार्जिन के लिए एक जोखिम बनी हुई हैं। EBITDA मार्जिन पिछले साल के 15.4% से घटकर 13.4% हो गया है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि Schneider Electric Infrastructure अपनी इनपुट लागतों का प्रबंधन कैसे करती है और आने वाले फाइनेंशियल ईयर में मजबूत ऑर्डर बैकलॉग को लाभदायक रेवेन्यू ग्रोथ में बदलने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन कैसे करती है।
