Schaeffler India ने शानदार तिमाही नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर **27.4%** बढ़कर **₹3,005.8 करोड़** पर पहुंच गया है, वहीं नेट प्रॉफिट **₹370.4 करोड़** दर्ज किया गया है।
मुनाफे का गणित
Schaeffler India ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹306.7 करोड़ से बढ़कर अब ₹370.4 करोड़ हो गया है। इस ग्रोथ के पीछे सभी डिवीजनों का हाथ रहा, जिसमें एक्सपोर्ट सेगमेंट ने 46.3% की दमदार बढ़त दर्ज की है।
बिजनेस में नया क्या है?
कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को और मजबूत किया है। तमिलनाडु के शूलगिरि में पांचवां मैन्युफैक्चरिंग प्लांट अब पूरी तरह से चालू हो गया है। इसके अलावा, तलेगांव में ई-एक्सल (E-axle) लाइन की शुरुआत के साथ कंपनी ने E-मोबिलिटी सेक्टर में अपनी पकड़ और तेज कर दी है। ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी सेगमेंट में 34.9% की ग्रोथ देखी गई है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to watch)
टॉपलाइन ग्रोथ शानदार है, लेकिन निवेशकों को कंपनी के कैश फ्लो पर नजर रखनी चाहिए। इस तिमाही में फ्री कैश फ्लो गिरकर ₹40.8 करोड़ पर आ गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹223.2 करोड़ था। मैनेजमेंट ने इसके पीछे बढ़ती इन्वेंट्री और पेंडिंग ड्यूज (Overdues) को मुख्य वजह बताया है। बढ़ती इनपुट कॉस्ट और फ्यूल की कीमतों का दबाव कंपनी के मार्जिन पर भी बना हुआ है, जिस पर आगे चलकर नजर रखना जरूरी होगा।
