Schaeffler India ने Q2 FY26 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट **13.7%** बढ़कर **₹336.73 करोड़** रहा। साथ ही, कंपनी ने एक नए COO की भी नियुक्ति की है।
Detailed Coverage
Schaeffler India के दमदार नतीजे, शेयरधारकों को मिली राहत
ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल सप्लायर कंपनी Schaeffler India लिमिटेड ने अपने वित्तीय वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (30 जून 2026 को समाप्त) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹2,681.41 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले तिमाही के ₹2,506.96 करोड़ और पिछले साल की इसी तिमाही के ₹2,282.10 करोड़ से काफी ज़्यादा है। इसी के साथ, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹336.73 करोड़ रहा, जो पिछले तिमाही के ₹319.71 करोड़ और पिछले साल की समान अवधि के ₹296.23 करोड़ के मुकाबले बढ़ा है।
कंसोलिडेटेड नतीजों में भी उछाल
तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,760.55 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही के ₹2,585.64 करोड़ और पिछले साल की समान अवधि के ₹2,352.59 करोड़ की तुलना में बेहतर है। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹325.78 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछली तिमाही के ₹316.07 करोड़ और पिछले वित्तीय वर्ष की समान तिमाही के ₹287.11 करोड़ से अधिक है।
नए COO की हुई नियुक्ति
इन नतीजों के अलावा, कंपनी के बोर्ड ने श्री अमित दिनेश भाल. भाल. भाल. को 10 अगस्त 2026 से चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) और सीनियर मैनेजमेंट के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति कंपनी के ऑपरेशनल मैनेजमेंट को और मजबूत करेगी।
क्यों अहम हैं ये नतीजे?
ये नतीजे कंपनी की लगातार बढ़ती आय और मुनाफे को दर्शाते हैं, जो बाजार में मजबूत मांग और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी का संकेत है। नए COO की नियुक्ति से कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी को और धार मिलेगी। हालांकि, कंपनी की एक सब्सिडियरी के लगातार घाटे पर निवेशकों की नज़रें बनी रहेंगी।
सब्सिडियरी के घाटे पर एक नज़र
निवेशकों के लिए चिंता का एक विषय यह है कि कंपनी की सब्सिडियरी, KRSV Innovative Auto Solutions, को इस तिमाही में ₹17.42 करोड़ का घाटा हुआ है। यह कंसोलिडेटेड मुनाफे पर असर डाल सकता है और इस पर बारीक नज़र रखने की ज़रूरत होगी।
आगे क्या?
अब निवेशकों की नज़रें KRSV Innovative Auto Solutions के प्रदर्शन पर रहेंगी। साथ ही, नए COO अमित दिनेश भाल. भाल. भाल. के आने के बाद कंपनी के ऑपरेशनल सुधारों और समग्र ग्रोथ पर पड़ने वाले असर पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
