Schaeffler India के प्रमोटर्स ने BSE को सूचित किया है कि वे अपनी **74.13%** हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचना चाहते हैं। हालांकि, प्रमोटर्स ने साफ किया है कि कंपनी में उनका मालिकाना हक कम से कम **66.67%** (दो-तिहाई) बना रहेगा। यह अभी केवल एक शुरुआती इरादा है, कानूनी बाध्यता नहीं।
क्या है पूरी खबर?
Schaeffler India के प्रमोटर ग्रुप ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया है कि वे कंपनी में अपनी मौजूदा हिस्सेदारी को कम करने पर विचार कर रहे हैं। फिलहाल प्रमोटर्स के पास कंपनी की 74.13% इक्विटी है। जर्मनी की होल्डिंग कंपनियों के इस ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि वे कम से कम 66.67% हिस्सेदारी अपने पास बनाए रखेंगे, जिससे कंपनी के रणनीतिक और ऑपरेशनल फैसलों पर उनका कंट्रोल पूरी तरह बरकरार रहेगा।
निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?
बाजार के जानकारों के अनुसार, यह फैसला पोर्टफोलियो को री-बैलेंस करने के लिए लिया गया है। इससे भारतीय शेयर बाजार में कंपनी का 'पब्लिक फ्लोट' (Public Float) बढ़ने की संभावना है। फिलहाल, मैनेजमेंट और स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन बड़े प्रमोटर ब्लॉक की बिक्री से स्टॉक की कीमत में शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी (Volatility) आ सकती है।
आगे क्या होगा?
चूंकि यह कोई बाध्यकारी (Binding) डील नहीं है, इसलिए निवेशक अभी किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचें। कंपनी की तरफ से आने वाली अगली फाइलिंग्स पर नजर रखें, जिसमें बिक्री का तरीका (Block Deal या Open Market), समय और मात्रा तय की जाएगी। प्रमोटर्स की 66.67% हिस्सेदारी के वादे को लेकर भी अपडेट्स पर नजर रखना जरूरी होगा।
