Scan Steels Ltd के बोर्ड ने ₹850 करोड़ की विस्तार योजना को मंजूरी दे दी है। इस पैसे का इस्तेमाल वर्टिकल इंटीग्रेशन और कैपेसिटी बढ़ाने के लिए किया जाएगा। कंपनी **59%** इक्विटी और **41%** इंटरनल एक्रुअल्स से फंड जुटाएगी, जिसका लक्ष्य **FY31** तक स्टील सेक्टर में अपनी स्थिति मजबूत करना है।
Scan Steels का ₹850 करोड़ का एक्सपेंशन प्लान
Scan Steels Ltd ने अपने भविष्य को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹850 करोड़ के एक अहम विस्तार योजना को हरी झंडी दे दी है। इस योजना का मुख्य मकसद वर्टिकल इंटीग्रेशन और कैपेसिटी बढ़ाना है, ताकि FY31 तक कंपनी स्टील सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ बना सके।
कंपनी का प्लान क्या है?
यह विस्तार योजना तीन फेज में पूरी की जाएगी, जिसकी डेडलाइन सितंबर 2026 से Q3FY31 तक है। इस प्रोजेक्ट में बिलेट और TMT कैपेसिटी को बढ़ाना, पाइप और गैल्वनाइजिंग यूनिट लगाना, और बड़े पैमाने पर पेलेट प्लांट और स्पंज आयरन यूनिट्स जैसे ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। कंपनी 2026 में 19 जून को हुई बोर्ड मीटिंग में इस रोडमैप को फाइनल किया।
कितना लगेगा पैसा और कैसे?
इस पूरे विस्तार के लिए ₹850 करोड़ का खर्च आएगा। कंपनी इस पैसे का 59% यानी करीब ₹500 करोड़ इक्विटी के जरिए जुटाएगी। बाकी 41% पैसा यानी लगभग ₹350 करोड़ कंपनी अपनी इंटरनल कमाई (Internal Accruals) से लगाएगी।
क्यों यह अहम है?
यह कदम Scan Steels को एक बड़े और इंटीग्रेटेड स्टील प्रोड्यूसर के तौर पर स्थापित करेगा। इससे कंपनी की ऑपरेशनल कैपेबिलिटी और मार्केट में मौजूदगी अगले एक दशक में बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी पहले से ही 8 MW का कैप्टिव पावर प्लांट चला रही है और FY26 में इसकी यूटिलाइजेशन रेट काफी अच्छी रही।
क्या हैं जोखिम?
यह एक महत्वाकांक्षी योजना है और इसे लागू करने में कुछ जोखिम भी हैं। प्रोजेक्ट्स अभी शुरुआती स्टेज में हैं और इन्हें मंजूरी की जरूरत होगी। 59% इक्विटी के जरिए फंड जुटाने से मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए डाइल्यूशन (Dilution) का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही, स्टील इंडस्ट्री की साइक्लिकल नेचर बाजार की मांग और कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम पैदा करती है।
पिछली परफॉरमेंस कैसी रही?
वित्तीय वर्ष 2026 के लिए, Scan Steels ने ₹838 करोड़ का रेवेन्यू, ₹49 करोड़ का EBITDA और ₹20 करोड़ का PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) दर्ज किया था। कंपनी की नेट वर्थ ₹441 करोड़ और कुल एसेट्स ₹601 करोड़ थे। FY26 में स्पंज आयरन कैपेसिटी का 84% और कैप्टिव पावर का 100% इस्तेमाल किया गया।
