Savita Oil Technologies ने FY27 की पहली तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹56 करोड़** से उछलकर **₹288.1 करोड़** के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का धमाका
कंपनी ने जून 2026 में खत्म हुई तिमाही के लिए रिकॉर्ड नतीजे पेश किए हैं। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 49.2% की उछाल के साथ ₹1,513 करोड़ रहा है। सबसे चौंकाने वाला बदलाव EBITDA मार्जिन में दिखा है, जो पिछले साल के 8.3% से बढ़कर इस बार 26.2% पर आ गया है। कंपनी का PBT (प्रॉफिट बिफोर टैक्स) भी ₹72.3 करोड़ से बढ़कर ₹386.6 करोड़ हो गया है।
क्यों खास है यह ग्रोथ?
Savita Oil अब पारंपरिक कमोडिटी पोर्टफोलियो से निकलकर हाई-टेक सेगमेंट की ओर तेजी से बढ़ रही है। 'Savsol Ester5' फ्लुइड्स की बढ़ती मांग और डेटा सेंटर व EV बैटरी कूलिंग के लिए लॉन्च किया गया 'Quanticool' रेंज कंपनी के भविष्य के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। साथ ही, Mahindra & Mahindra के साथ 'MStar' इंजन ऑयल के लिए हुई नई पार्टनरशिप ने बाजार में कंपनी की पकड़ और मजबूत कर दी है।
चुनौतियां और बदलाव
मिडल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स में कुछ बाधाएं आईं, जिसका असर डोमेस्टिक व्हाइट ऑयल की बिक्री पर दिखा। हालांकि, अब स्थिति में सुधार के संकेत हैं। मैनेजमेंट में भी बड़ा बदलाव हो रहा है, जहां 1 अक्टूबर 2026 से सिद्धार्थ मेहरा (Siddharth Mehra) जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर कार्यभार संभालेंगे।
आगे क्या रहेगा अहम?
निवेशकों को अब कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू बाजार में व्हाइट ऑयल सेगमेंट की रिकवरी पर नजर रखनी चाहिए। भविष्य में 'Quanticool' की बिक्री और महिंद्रा के साथ पार्टनरशिप से मिलने वाला मार्जिन मुनाफा तय करेगा कि तेजी कितनी टिकाऊ है।
