Sarda Energy & Minerals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए H1 में रिकॉर्ड **₹1,326 करोड़** का EBITDA दर्ज किया है। हालांकि दूसरी तिमाही में प्लांट शटडाउन के कारण उत्पादन पर असर दिखा, लेकिन कंपनी का एनर्जी सेगमेंट मजबूती के साथ ग्रोथ का इंजन बना हुआ है।
मुनाफे के नए शिखर पर कंपनी
Sarda Energy & Minerals ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1) में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कंपनी ने ₹1,326 करोड़ का रिकॉर्ड EBITDA और ₹799 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है।
मेंटेनेंस का असर और भविष्य की राह
Q2 FY27 के दौरान टोटल इनकम ₹1,505 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹1,596 करोड़ से थोड़ी कम है। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के प्लांट में हुआ मेंटेनेंस शटडाउन था। इसमें थर्मल पावर प्लांट की 300 MW यूनिट की 47 दिन की बंदी और स्टील फैसिलिटी में टर्बाइन रिप्लेसमेंट का काम शामिल था। हालांकि, अब ये काम पूरे हो चुके हैं, जिससे आने वाली तिमाहियों में एसेट यूटिलाइजेशन बेहतर होने की उम्मीद है।
पावर सेगमेंट का दबदबा
कंपनी के कुल EBITDA में एनर्जी सेगमेंट की हिस्सेदारी 75% से ज्यादा है, जो बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करता है। इसके अलावा, कंपनी ने आंध्र प्रदेश में Avagudem Manganese Block हासिल कर अपनी रॉ मटेरियल सप्लाई चेन को और मजबूत कर लिया है। यह कदम कंपनी के फेरो एलॉयज बिजनेस की कॉस्ट कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाने में मदद करेगा।
नजर रखने वाली बातें
निवेशकों को अब नए माइनिंग ब्लॉक से मिलने वाले आउटपुट और मेंटेनेंस के बाद स्टील व पावर डिवीजन के प्रदर्शन में सुधार पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। H1 FY27 में EBITDA में 3.9% और PAT में 4.5% की साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ दर्ज की गई है, जो कंपनी की मजबूती को दर्शाती है।
