Sanstar Limited ने वित्त वर्ष 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹784.63 करोड़** और नेट प्रॉफिट **₹34.45 करोड़** रहा है। हालांकि नतीजों में सुस्ती है, लेकिन कंपनी ने अपने धुले प्लांट में उत्पादन क्षमता को **2,350 TPD** तक बढ़ा लिया है।
नतीजों का हाल
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹784.63 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹957.45 करोड़ था। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) गिरकर ₹34.45 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल यह ₹43.80 करोड़ था। कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों पर ग्लोबल स्तर पर बढ़ती कीमतों और प्लांट में मेंटेनेंस शटडाउन का साफ असर दिखा है।
धुले प्लांट में बड़ा बदलाव
नंबर्स में भले ही गिरावट आई हो, लेकिन कंपनी ने अपने IPO से मिले फंड का सही इस्तेमाल करते हुए धुले फैसिलिटी में नेटिव स्टार्च (Native Starch) बनाने की क्षमता को 1,100 TPD से बढ़ाकर 2,350 TPD कर दिया है। इसके साथ ही, कंपनी का फाइनेंस कॉस्ट 81% घटकर सिर्फ ₹1.4 करोड़ रह गया है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
डिविडेंड और भविष्य की रणनीति
कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड (Dividend) नहीं देने का फैसला किया है ताकि इस पूंजी का उपयोग भविष्य के विस्तार में किया जा सके। मैनेजमेंट अब अपना ध्यान हाई-मार्जिन वाले 'वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स' पर लगा रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 में एक नई डेरिवेटिव्स फैसिलिटी शुरू होने की उम्मीद है, जिससे कंपनी के पोर्टफोलियो में विविधता आएगी।
क्या है रिस्क?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीनी स्टार्च एक्सपोर्ट्स की वजह से कीमतों में होने वाली उतार-चढ़ाव (Volatility) कंपनी के लिए चुनौती बनी रहेगी। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या बढ़ी हुई क्षमता का लाभ कंपनी आने वाली तिमाहियों में मुनाफे में बदल पाती है या नहीं।
