Sansera Engineering का रेवेन्यू 33% बढ़कर ₹1021 करोड़ हुआ, अब एयरोस्पेस में भी कंपनी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Sansera Engineering का रेवेन्यू 33% बढ़कर ₹1021 करोड़ हुआ, अब एयरोस्पेस में भी कंपनी

Sansera Engineering का जून 2026 में समाप्त तिमाही के लिए रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 33% बढ़कर **₹1021 करोड़** हो गया। कंपनी ने एक नई एयरोस्पेस, डिफेंस और सेमीकंडक्टर (ADS) डिविजन बनाने की भी घोषणा की है।

Sansera Engineering की शानदार कमाई, नए सेक्टर में कदम

Sansera Engineering Limited ने जून 30, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने अनऑडिटेड वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 33% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो ₹1021.26 करोड़ पर पहुंच गया। इस तिमाही में कंपनी ने ₹87.36 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया है, और बेसिक ईपीएस (EPS) ₹12.89 रहा।

निवेशकों के लिए अहम खबर

यह मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ Sansera के प्रोडक्ट्स की अच्छी डिमांड को दर्शाती है। वहीं, कंपनी ने एक नई एयरोस्पेस, डिफेंस और सेमीकंडक्टर (ADS) डिविजन की स्थापना की है और इसके लिए एक समर्पित CEO भी नियुक्त किया है। यह कदम कंपनी के लिए एक बड़ी स्ट्रेटेजिक डाइवर्सिफिकेशन (diversification) है, जो इसे ऑटोमोटिव सेगमेंट पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा और हाई-मार्जिन वाले सेक्टर्स में ग्रोथ के मौके तलाशेगा।

कंपनी की पिछली रणनीति

Sansera Engineering ऐतिहासिक रूप से ऑटोमोटिव कंपोनेंट बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी रही है। एयरोस्पेस, डिफेंस और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में प्रवेश करना कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटेजी में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।

क्या बदलेगा अब?

कंपनी ने ADS के लिए एक नई डिविजन स्थापित की है। श्री हरि कृष्णन को 12 अगस्त, 2026 से प्रभावी पांच साल के कार्यकाल के लिए इस डिविजन का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CEO नियुक्त किया गया है। बोर्ड ने श्री समीर पुरुषोत्तम इनामदार को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त किया है।

जोखिम पर भी नज़र

कंपनी को एक अमेरिकी मुकदमे के निपटारे के लिए ₹16.93 करोड़ का एक एक्सेप्शनल एक्सपेंस (exceptional expense) हुआ है। साथ ही, अमेरिकी इंपोर्ट ड्यूटी टैरिफ के लिए ₹12.61 करोड़ का प्रोविजन (provision) भी किया गया है। हालांकि यह उम्मीद है कि टैरिफ की लागत वसूल की जा सकेगी, लेकिन इन एकमुश्त खर्चों ने मौजूदा तिमाही के नेट प्रॉफिट को प्रभावित किया है।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशक नई ADS डिविजन के इंटीग्रेशन और परफॉर्मेंस पर बारीकी से नज़र रखेंगे। टैरिफ लागत की रिकवरी और कानूनी निपटारे के भविष्य के फाइनेंशियल पर पड़ने वाले असर पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.