Sansera Engineering ने अपने टॉप मैनेजमेंट में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। कंपनी के बोर्ड ने दो प्रमुख अधिकारियों के पदनाम बदलने को मंजूरी दे दी है, जो **24 अगस्त, 2026** से प्रभावी होंगे। हालांकि, इन बदलावों को शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है।
Sansera Engineering में बड़ा फेरबदल: मैनेजमेंट में हुए अहम बदलाव
Sansera Engineering Limited ने अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में दो वरिष्ठ अधिकारियों के पदनाम बदलने की मंजूरी दे दी है। ये बड़े बदलाव 24 अगस्त, 2026 से लागू होंगे, लेकिन इन्हें शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है। यह फैसला आने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में रखा जाएगा।
जानिए कौन संभालेगा नई ज़िम्मेदारी?
बोर्ड ने मिस्टर फादरज सिंहवी को ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर (Joint Managing Director) के पद से वाइस चेयरमैन और होल टाइम डायरेक्टर (Vice Chairman and Whole Time Director) के पद पर प्रमोट किया है। वे 5 अगस्त, 2029 तक एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन (Executive Vice Chairman) की भूमिका में रहेंगे।
वहीं, मिस्टर बी. आर. प्रीतम (Bindiganavile Raghunath Preetham), जो पहले एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ (Executive Director & Group CEO) थे, अब मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) बनाए गए हैं। उन्हें ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ (Joint Managing Director & Group CEO) का अतिरिक्त पद भी दिया गया है। उनका कार्यकाल 7 सितंबर, 2028 तक रहेगा।
इन बदलावों का क्या है महत्व?
यह पदोन्नति इन दोनों व्यक्तियों के कंपनी के विकास में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है। इससे कंपनी की लीडरशिप में स्थिरता बनी रहेगी और निवेशकों को भी राहत मिलेगी।
लीडरशिप का बैकग्राउंड
मिस्टर फादरज सिंहवी एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उन्हें फाइनेंस व ऑटोमोटिव सेक्टर में 44 साल से अधिक का अनुभव है। वहीं, मिस्टर बी. आर. प्रीतम 1992 से Sansera के साथ जुड़े हुए हैं और उन्हें 33 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने 2013 से ग्रुप सीईओ के तौर पर कंपनी को संभाला है। उनके नेतृत्व में कंपनी का रेवेन्यू ₹551 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹3,498 करोड़ हो गया और मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹24,000 करोड़ से ऊपर पहुंच गया। वे सितंबर 2021 में हुए कंपनी के IPO में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं।
आगे क्या?
इन बदलावों के लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है। निवेशकों को आने वाली AGM के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए।
