Sanmit Infra Ltd अपने शेयरहोल्डर्स को फ्रैक्शनल शेयर (fractional share) की बिक्री से हुई कमाई बांटेगी। कंपनी ने अगले 5 साल के लिए नया ऑडिटर भी नियुक्त किया है।
Sanmit Infra का बड़ा फैसला: शेयरधारकों को मिलेगा कमाई का हिस्सा
Sanmit Infra Ltd ने अपने शेयरधारकों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी ने यह ऐलान किया है कि वह फ्रैक्शनल शेयर (fractional shares) की बिक्री से हुई कुल कमाई (net proceeds) को योग्य शेयरधारकों के बीच बांटेगी। यह फैसला कंपनी की शेयर कंसॉलिडेशन (share consolidation) प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे मार्च 2026 में मंजूरी मिली थी। इस राशि के बंटवारे से पहले सभी लागू टैक्स और खर्चों को काट लिया जाएगा।
नए ऑडिटर की हुई नियुक्ति, पुराना ऑडिटर बोला 'अलविदा'
इसके साथ ही, Sanmit Infra ने अपनी ऑडिट प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया है। अब M/s. S S S S & Associates नाम की फर्म अगले 5 सालों के लिए कंपनी की नई स्टेट्यूटरी ऑडिटर (statutory auditor) होगी। यह नियुक्ति फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) 2026-2027 से 2030-2031 तक के लिए होगी, जिसे आने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी भी लेनी होगी।
यह बदलाव इसलिए हुआ क्योंकि M/s. PAMS & Associates, जो कि मौजूदा ऑडिटर थे, उन्होंने 12 जून 2026 से अपना पद छोड़ दिया है। कंपनी ने बताया कि उनके मुंबई ब्रांच बंद होने की वजह से भौगोलिक दिक्कतें आ रही थीं, जिसके कारण उन्होंने इस्तीफा दिया।
इंडिपेंडेंट डायरेक्टर ने भी छोड़ी कुर्सी
इतना ही नहीं, कंपनी के एक नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Non-Executive Independent Director), मिस्टर अजय नानिक चंदवानी ने भी 13 जून 2026 से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपनी उम्र और स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है।
क्यों है यह अहम?
यह सभी कदम Sanmit Infra के प्रशासनिक और कंप्लायंस (compliance) से जुड़े हुए हैं। फ्रैक्शनल शेयर के पैसे बांटने से शेयर कंसॉलिडेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और शेयरधारकों को स्पष्टता मिलेगी। वहीं, 5 साल के लिए नए ऑडिटर की नियुक्ति से ऑडिटिंग में स्थिरता आएगी। डायरेक्टर के इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत स्वास्थ्य कारण बताए गए हैं, जिससे कंपनी के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
क्या है पूरा मामला?
Sanmit Infra ने मार्च 2026 में एक शेयर कंसॉलिडेशन एक्सरसाइज की थी, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी मिली थी। इस प्रक्रिया के बाद जो फ्रैक्शनल शेयर बचे थे, उन्हें बेचकर अब यह पैसा बांटा जा रहा है। पुराने ऑडिटर के इस्तीफे की वजह लॉजिस्टिक्स (logistics) से जुड़ी दिक्कतें थीं।
आगे क्या होगा?
योग्य शेयरधारकों को फ्रैक्शनल शेयर से मिली रकम जल्द ही मिल जाएगी। इसके साथ ही, कंपनी का ऑडिट अब नए ऑडिटर की देखरेख में होगा। मिस्टर अजय नानिक चंदवानी के जाने से बोर्ड कंपोजिशन (board composition) में भी बदलाव आया है।
