Sanghvi Movers ने अपने निवेशकों को खुश कर दिया है! कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹1,100 करोड़** का शानदार रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **34%** ज्यादा है। इसके साथ ही, कंपनी ने **₹2 प्रति शेयर** के फाइनल डिविडेंड की भी सिफारिश की है।
नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Sanghvi Movers Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे जारी किए हैं। कंपनी की कुल आय (Total Income) में 34% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹1,100 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, टैक्स के बाद कंपनी का मुनाफा (Profit After Tax - PAT) ₹184 करोड़ रहा। इसके अलावा, 14 मई 2026 तक कंपनी के पास ₹1,053 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक है। कंपनी के बोर्ड ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है।
क्यों यह खबर अहम है?
यह मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और बड़ा ऑर्डर बुक निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। कंपनी अपनी 'Elevate 2030' रणनीति के तहत ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस प्लेटफॉर्म बनने की ओर तेजी से बढ़ रही है। रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस को 'Sangreen Future Renewables' में अलग करना और सऊदी अरब, बोत्सवाना और कतर जैसे देशों में अंतरराष्ट्रीय विस्तार करना इस रणनीति के अहम हिस्से हैं।
कंपनी की पुरानी कहानी
Sanghvi Movers हमेशा से घरेलू क्रेन रेंटल मार्केट में एक बड़ा नाम रहा है। 'Elevate 2030' रोडमैप का मतलब है कि कंपनी प्रोजेक्ट-आधारित मॉडल से हटकर एक एकीकृत, पोर्टफोलियो-आधारित मैनेजमेंट सिस्टम की ओर बढ़ रही है, जिसे एक नए SAP प्लेटफॉर्म से भी सपोर्ट मिल रहा है।
आगे क्या बदलेगा?
कंपनी सक्रिय रूप से अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार का विस्तार कर रही है और सऊदी अरब में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस को अलग करने से उसे खास फोकस और जवाबदेही मिलेगी। प्रमोटर ग्रुप से परे एक फुल C-सूट लीडरशिप टीम का गठन कंपनी के प्रोफेशनल होने का संकेत देता है।
जोखिम पर नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रोजेक्ट में देरी, जैसे कि मैनपावर या साइट की तैयारी में दिक्कतें, संभावित जोखिम हैं। इसके अलावा, EPC प्रोजेक्ट्स से होने वाली आय में तिमाही आधार पर उतार-चढ़ाव दिख सकता है, क्योंकि यह 'percentage-of-completion' अकाउंटिंग मेथड पर आधारित है।
अगली बड़ी बातें
निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के सफल क्रियान्वयन, नई विदेशी सब्सिडियरी के मुनाफे और मौजूदा ऑर्डर बुक के कन्वर्जन रेट पर करीब से नजर रखनी चाहिए। कंपनी की क्रेन फ्लीट यूटिलाइजेशन को 78-83% की लक्षित सीमा में बनाए रखने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी।
