Sandhar Technologies FY26: रेवेन्यू में बंपर उछाल, लेकिन मुनाफे पर असर
Sandhar Technologies Limited ने अपने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में जोरदार 25% की बढ़ोतरी हुई है, जो लगभग ₹4,852 करोड़ (INR 48,521 मिलियन) तक पहुंच गया है। पिछले साल, FY25 में यह आंकड़ा लगभग ₹3,884 करोड़ (INR 38,845 मिलियन) था।
अहम वित्तीय आंकड़े
कंपनी ने FY26 के लिए ₹438 करोड़ (INR 4,376 मिलियन) का कंसोलिडेटेड EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) दर्ज किया है, जो FY25 के ₹383 करोड़ (INR 3,832 मिलियन) से अधिक है। लेकिन, रेवेन्यू और EBITDA बढ़ने के बावजूद, EBITDA मार्जिन FY26 में मामूली घटकर 9.0% रह गया, जो FY25 में 9.9% था। कंपनी का नेट एडजस्टेड लीवरेज भी FY25 के 2.2x से बढ़कर FY26 में 2.5x हो गया, जबकि इंटरेस्ट कवरेज रेशियो 6.8x से घटकर 6.4x हो गया।
भविष्य की रणनीति और आउटलुक
ऑटोमोटिव कंपोनेंट बनाने वाली Sandhar Technologies ने अपने प्रोडक्ट रेंज और बाजार में पकड़ को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसमें अधिग्रहण और कैपिटल इन्वेस्टमेंट का भी योगदान है। हाल ही में TVS से मिले बड़े ऑर्डर से FY27 से रेवेन्यू में बढ़ोतरी की उम्मीद है। कंपनी FY27 के लिए 10%-15% की रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगा रही है और उम्मीद करती है कि EBITDA मार्जिन सुधरकर 9.1% से 9.2% के बीच पहुंच जाएगा। FY27 में पॉजिटिव फ्री कैश फ्लो जेनरेट होने की भी उम्मीद है।
संभावित जोखिम
निवेशकों के लिए मुख्य चिंताएं दो-पहिया सेगमेंट में कंपनी की एकाग्रता और कुछ बड़े ग्राहकों पर निर्भरता हैं। ओवरसीज सब्सिडियरी, Sandhar Technologies Barcelona S.L. की प्रॉफिटेबिलिटी पर भी बारीकी से नजर रहेगी। इसके अलावा, Sandhar Technologies को अपनी सब्सिडियरी और ज्वाइंट वेंचर्स को वित्तीय सहायता जारी रखनी पड़ सकती है, जिससे कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक Sandhar Technologies की FY27 रेवेन्यू ग्रोथ लक्ष्यों को पूरा करने और अनुमानित EBITDA मार्जिन सुधार हासिल करने की क्षमता पर करीब से नज़र रखेंगे। TVS के नए ऑर्डर से होने वाली कमाई और पॉजिटिव फ्री कैश फ्लो का सफल हासिल होना कंपनी के निकट अवधि के वित्तीय स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण संकेतक होंगे। इसके अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस का प्रदर्शन और इसके कर्ज के स्तर में कोई भी बदलाव भी अहम कारक होंगे।
