S&S Power Switchgear ने जून तिमाही में **₹47.66 लाख** का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के घाटे से यू-टर्न है। हालांकि, कंसोलिडेटेड नेट लॉस बढ़कर **₹25.90 लाख** हो गया। कंपनी ने नए CFO की भी घोषणा की है।
S&S Power Switchgear: तिमाही नतीजों में मिलाजुला प्रदर्शन और CFO में बदलाव
S&S Power Switchgear ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹47.66 लाख का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट घोषित किया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही में दर्ज ₹170.20 लाख के नेट लॉस से एक बड़ी रिकवरी है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ऑपरेशन से बढ़कर ₹106.13 लाख हो गया, जो पिछले साल ₹101.42 लाख था। कुल आय भी बढ़कर ₹369.10 लाख तक पहुंच गई।
वहीं दूसरी ओर, कंसोलिडेटेड नेट लॉस बढ़कर ₹25.90 लाख हो गया। पिछले साल जून 2025 की तिमाही में ₹176.87 लाख का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया था। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ऑपरेशन ₹7,121.83 लाख रहा, जो पिछले साल ₹5,935.52 लाख था।
क्या हुआ खास?
S&S Power Switchgear ने जून 2026 तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। स्टैंडअलोन ऑपरेशन्स में कंपनी ₹47.66 लाख के नेट प्रॉफिट के साथ मुनाफे में आ गई है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में ₹170.20 लाख का घाटा हुआ था। हालांकि, कंसोलिडेटेड नतीजों में ₹25.90 लाख का नेट लॉस देखा गया, जो पिछले साल के ₹176.87 लाख के प्रॉफिट के मुकाबले एक उलटफेर है।
इसके अलावा, कंपनी ने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के पद पर बदलाव की घोषणा की है। श्री सी एन सत्यनारायणन ने इस्तीफा दे दिया है और श्री श्रीकांत शर्मा को 14 अगस्त, 2026 से नया CFO नियुक्त किया गया है।
कंपनी की 48वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 28 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएगी।
निवेशकों के लिए क्यों अहम?
शेयरधारकों को स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड आंकड़ों के बीच प्रदर्शन के इस बड़े अंतर पर ध्यान देना चाहिए। स्टैंडअलोन प्रॉफिट में वापसी सकारात्मक है, लेकिन कंसोलिडेटेड घाटा ग्रुप के व्यापक ढांचे के भीतर चुनौतियों का संकेत देता है। CFO में बदलाव भी प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण विकास है जिस पर निवेशक नज़र रखेंगे।
पिछला प्रदर्शन
पिछले वित्तीय वर्ष की जून तिमाही (जून 2025) में, S&S Power Switchgear ने ₹170.20 लाख का स्टैंडअलोन नेट लॉस और ₹176.87 लाख का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। वर्तमान तिमाही के नतीजे स्टैंडअलोन प्रदर्शन में एक महत्वपूर्ण उछाल और कंसोलिडेटेड नतीजों में उलटफेर दिखाते हैं।
क्या बदलेगा अब?
नए CFO के तौर पर श्री श्रीकांत शर्मा की नियुक्ति, जिन्हें 17 वर्षों का अनुभव है, कंपनी को नई वित्तीय नेतृत्व प्रदान करती है। उनकी विशेषज्ञता भविष्य की वित्तीय रणनीतियों और रिपोर्टिंग को प्रभावित कर सकती है।
जोखिम
स्टैंडअलोन प्रॉफिटेबिलिटी और कंसोलिडेटेड लॉस के बीच का अंतर एक प्रमुख जोखिम क्षेत्र है। निवेशकों को इस विसंगति के कारणों और स्टैंडअलोन प्रदर्शन की स्थिरता को समझने की आवश्यकता होगी। कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल्स में कोई भी और गिरावट स्टॉक को प्रभावित कर सकती है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को कंपनी के भविष्य के तिमाही नतीजों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए, विशेष रूप से कंसोलिडेटेड प्रदर्शन पर। साथ ही, मैनेजमेंट की ओर से वित्तीय नतीजों और नए CFO की रणनीतिक दिशा को लेकर किसी भी अतिरिक्त टिप्पणी पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
