Sampat Aluminium का FY26 में रेवेन्यू **34%** बढ़कर **₹178.01 करोड़** रहा, जबकि नेट प्रॉफिट फिसलकर **₹5.94 करोड़** पर आ गया है। ऑडिट रिपोर्ट में गवर्नेंस और SEBI नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
Sampat Aluminium Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू तो 34% बढ़ा है, लेकिन मुनाफा घटने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। कंपनी का बेसिक EPS ₹11.73 से घटकर ₹8.19 पर आ गया है।
ऑडिट रिपोर्ट में खुली पोल
नतीजों के साथ ही ऑडिटर ने कंपनी के इंटरनल कंट्रोल को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मुख्य आपत्तियां इस प्रकार हैं:
- ऑडिट ट्रेल: अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में ऑडिट ट्रेल का सत्यापन नहीं हो पाया।
- बैंक डेटा में अंतर: Union Bank of India को दी गई स्टॉक स्टेटमेंट में 10% से अधिक का फर्क पाया गया है।
- गवर्नेंस लैप्स: कंपनी CSR दायित्वों को पूरा करने में नाकाम रही है और SEBI के 'इनसाइडर ट्रेडिंग' नियमों के तहत स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (SDD) का रखरखाव भी सही नहीं है।
आगे क्या होगा?
मैनेजमेंट ने गलती सुधारने का वादा किया है और मंथ-एंड क्लोजिंग प्रोसेस को सख्त करने का भरोसा दिलाया है। अब निवेशकों की नजर 26 सितंबर 2026 को होने वाली AGM पर टिकी है। इस मीटिंग में मैनेजिंग डायरेक्टर Mr. Sanket Sanjay Deora की पुनर्नियुक्ति और नए सेक्रेटेरियल ऑडिटर M/s. Utkarsh Shah & Co. की नियुक्ति पर फैसला लिया जाएगा। रेगुलेटरी सख्ती से बचने के लिए कंपनी इन अनुपालन गैप्स को कितनी जल्दी भरती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
