Sahyadri Industries ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **49%** बढ़कर **₹29 करोड़** हो गया, जबकि रेवेन्यू में **12.5%** की बढ़ोतरी हुई। सबसे बड़ी बात, कंपनी ने अपने डेट-इक्विटी रेश्यो को घटाकर **0.04** कर लिया है।
Detailed Coverage
Sahyadri Industries ने FY26 में 49% की छलांग लगाई
Sahyadri Industries ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने दमदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹19.46 करोड़ की तुलना में 49% बढ़कर ₹29.00 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कुल आय (Total Income) 12.5% बढ़कर ₹684.87 करोड़ दर्ज की गई, जो पिछले साल ₹608.79 करोड़ थी। कंपनी के EBITDA में भी 15.8% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹67.22 करोड़ रहा।
कर्ज़ में भारी कमी, कंपनी की सेहत हुई बेहतर
आंकड़े बताते हैं कि Sahyadri Industries ने अपने बैलेंस शीट को मजबूत करने में बड़ी सफलता पाई है। कंपनी का डेट-इक्विटी रेश्यो (Debt-Equity Ratio) 80.29% घटकर 0.04 पर आ गया है, जबकि पिछले साल यह 0.21 था। यह कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार और जोखिम में कमी का स्पष्ट संकेत है।
भविष्य की राह और विस्तार योजनाएं
मजबूत नतीजों के दम पर Sahyadri Industries अब विस्तार के लिए तैयार है। कंपनी महाराष्ट्र में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की योजना बना रही है, साथ ही पूर्वी राज्यों में भी प्लांट लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, कंपनी ने FY26 के लिए 15% (₹1.5 प्रति शेयर) का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की भी सिफारिश की है, जो शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
कंपनी प्रबंधन ने कुछ संभावित जोखिमों पर भी प्रकाश डाला है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण सप्लाई चेन में बाधा और लॉजिस्टिक्स लागत में वृद्धि हो सकती है। साथ ही, कंपनी का इंपोर्टेड क्राइसोलाइट फाइबर पर निर्भर रहना, जिसकी कीमत USD में तय होती है, उसे करेंसी के उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनाता है। इसके अलावा, 2026 में सामान्य से कम मॉनसून का अनुमान ग्रामीण बाजारों में कंपनी के रूफिंग प्रोडक्ट्स की मांग को प्रभावित कर सकता है।
उत्पादन क्षमता में सुधार
FY26 में फाइबर सीमेंट शीट्स और बोर्ड्स के लिए कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (Capacity Utilization) सुधर कर 74% हो गया, जो FY25 में 68% था।
