Sadbhav Infrastructure Project Ltd ने M/s. O R Maloo & Co. को नया स्टेट्युटरी ऑडिटर नियुक्त किया है। साथ ही, बोर्ड ने दो सब्सिडियरी कंपनियों को बेचने की मंजूरी दे दी है।
ऑडिट में बदलाव और एसेट डाइवैस्टमेंट
Sadbhav Infrastructure ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए M/s. O R Maloo & Co. को 5 साल के कार्यकाल (2026-2031) के लिए नया स्टेट्युटरी ऑडिटर नियुक्त किया है। यह फैसला पूर्व ऑडिटर M/s. S G D G & Associates LLP के इस्तीफे के बाद लिया गया है। इस नियुक्ति पर अंतिम मुहर 30 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लगेगी।
पोर्टफोलियो को मिल रही नई दिशा
ऑडिटर के बदलाव के अलावा, कंपनी ने अपनी दो सब्सिडियरी कंपनियों—Sadbhav Maintenance Infrastructure और Sadbhav Infra Solutions—को बेचने का निर्णय लिया है। कंपनी का मकसद अपने पोर्टफोलियो को व्यवस्थित करना है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो इन कंपनियों का कंपनी के कुल टर्नओवर में योगदान बेहद कम था।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी फिलहाल अपनी 20वीं AGM की तैयारियों में जुटी है। सब्सिडियरी बेचने की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है, और फिलहाल डील की राशि या खरीदार के बारे में कोई खुलासा नहीं किया गया है। आने वाले समय में एक्सचेंज फाइलिंग्स पर नजर रखना जरूरी होगा ताकि ट्रांजैक्शन की पूरी डीटेल्स सामने आ सकें।
