Sadbhav Infrastructure Project Ltd की 20वीं AGM में बड़े फैसलों पर वोटिंग हुई है। कंपनी अपने एसेट बेचने और सब्सिडियरी कंपनियों के शेयर गिरवी रखने जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांग रही है, जिससे भविष्य में कंपनी के काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव आ सकता है।
स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग का प्रस्ताव
कंपनी ने अपनी 20वीं सालाना आम बैठक (AGM) में 9 प्रस्तावों को पेश किया है, जिनमें मुख्य रूप से सब्सिडियरी कंपनियों के शेयर गिरवी रखने और अहम एसेट को बेचने की योजना शामिल है। यह कदम कंपनी के भविष्य के कारोबार और फाइनेंशियल स्ट्रक्चर के लिए काफी निर्णायक माना जा रहा है।
क्यों अहम हैं ये फैसले?
एजेंडा के 6, 7 और 8 नंबर के प्रस्तावों के तहत, मैनेजमेंट को कुछ चुनिंदा सब्सिडियरीज को बेचने का अधिकार मिल जाएगा। इसमें MBCPNL और SHAPL जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। अगर शेयरधारक इन प्रस्तावों को हरी झंडी देते हैं, तो कंपनी का अपने एसेट्स पर कंट्रोल कम हो जाएगा और इंफ्रास्ट्रक्चर मेंटेनेंस के क्षेत्र में उनकी मौजूदगी पूरी तरह बदल जाएगी।
वोटिंग और प्रोसेस
इस पूरी प्रक्रिया के लिए 27 सितंबर से 29 सितंबर 2026 तक ई-वोटिंग कराई गई थी। इसकी निगरानी रवि कपूर (Ravi Kapoor) ने की है। अब कंपनी को अगले 2 वर्किंग डेज के भीतर BSE और NSE को फाइनल वोटिंग के आंकड़े जमा करने होंगे।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
निवेशकों को अब फाइनल नतीजों का इंतजार करना चाहिए। इन फैसलों के पास होने से यह साफ हो जाएगा कि कंपनी किन प्रोजेक्ट्स से बाहर निकल रही है और उनका नया फोकस किन कोर सेक्टर पर रहने वाला है।
