कर्ज के बोझ को कम करने के लिए Sadbhav Engineering एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी लेंडर्स और प्रमोटर्स को **22 करोड़** से अधिक शेयर जारी कर **203 करोड़ रुपये** का कर्ज सेटल करेगी, हालांकि इस प्रक्रिया से मौजूदा शेयरधारकों के लिए इक्विटी डाइल्यूशन का जोखिम भी बढ़ गया है।
कर्ज से मुक्ति की रणनीति
RBI की 2025 गाइडलाइंस के तहत Sadbhav Engineering ने कर्ज पुनर्गठन (Debt Restructuring) का खाका तैयार किया है। कंपनी 14.48 करोड़ शेयर बैंक कंसोर्टियम (PNB, Axis Bank और SBI) को ₹9.34 प्रति शेयर के भाव पर जारी करेगी, जिससे ₹135.24 करोड़ का कर्ज कम होगा। वहीं, प्रमोटर शशिन पटेल भी 7.55 करोड़ शेयर ₹9.00 प्रति शेयर पर लेकर ₹68 करोड़ के अनसेक्योर्ड लोन को इक्विटी में बदलेंगे।
निवेशकों के लिए क्या है मायना?
यह फैसला बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए लिया गया है, लेकिन इसका सीधा असर शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर पड़ेगा। इस अलॉटमेंट के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी बढ़कर 30.45% हो जाएगी, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डर्स का हिस्सा घटकर 69.55% रह जाएगा।
ऑथोराइज्ड कैपिटल और बोर्ड में बदलाव
कंपनी अपनी ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹50 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ करने जा रही है। साथ ही, बोर्ड को मजबूत करने के लिए अंकित किशोरभाई शाह और जलदीप प्रकाशभाई पटेल को स्वतंत्र निदेशक (Independent Directors) नियुक्त किया गया है।
आगे की राह
कंपनी ने बोर्ड को ग्रुप एंटिटीज के लिए ₹5,000 करोड़ तक के लोन या गारंटी देने की मंजूरी लेने का प्रस्ताव भी रखा है। अब सबकी निगाहें 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 37वीं AGM पर टिकी हैं, जहां इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगेगी। निवेशकों को अब देखना होगा कि कर्ज कम होने का असर आने वाली तिमाहियों के इंटरेस्ट कॉस्ट और प्रॉफिट मार्जिन पर कैसे पड़ता है।
