Sadbhav Engineering की 37वीं AGM में बड़ा फैसला लिया गया है। कंपनी ने कर्ज कम करने के लिए Debt-to-Equity कन्वर्जन को शेयरधारकों की मंजूरी दिला ली है, जिससे अब प्रमोटर और लेंडर्स को नए शेयर जारी किए जाएंगे।
कर्ज का बोझ कम करने की रणनीति
Sadbhav Engineering ने अपनी 37वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 99.97% वोटिंग के साथ नौ अहम प्रस्तावों को पास किया है। इस फैसले के तहत, कंपनी अपने बकाया नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) और प्रमोटर शशििन पटेल के असुरक्षित लोन को इक्विटी में बदलेगी। इसके लिए लेंडर्स को 37,630,688 शेयर और प्रमोटर को 37,630,788 शेयर जारी किए जाएंगे।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह कदम कंपनी के बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। डेट को इक्विटी में बदलकर कंपनी अपना ब्याज का बोझ कम करना चाहती है, जिससे भविष्य में फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ेगी। हालांकि, रिटेल निवेशकों को 'इक्विटी डायल्यूशन' पर नजर रखनी होगी, क्योंकि नए शेयर जारी होने से ईपीएस (EPS) पर असर पड़ सकता है।
गवर्नेंस और नई नियुक्तियां
कंपनी ने कैपिटल स्ट्रक्चर में बदलाव के अलावा बोर्ड में भी नए चेहरे शामिल किए हैं:
- अंकित किशोरभाई शाह और जलदीप प्रकाशभाई पटेल को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
- अधिकृत शेयर कैपिटल (Authorized Share Capital) बढ़ाने की प्रक्रिया को भी हरी झंडी मिल गई है।
- फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ऑडिटेड स्टेटमेंट को औपचारिक रूप से अपना लिया गया है।
अब बाजार की नजरें इस बात पर हैं कि इन शेयरों का अलॉटमेंट कब पूरा होता है और नई बोर्ड टीम कंपनी की रिकवरी को किस तरह आगे ले जाती है।
