Sadbhav Engineering ने अपनी 37वीं AGM में कर्ज कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी NCD कूपन और प्रमोटर लोन को इक्विटी में बदलने की तैयारी कर रही है, साथ ही बोर्ड में नए स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति का प्रस्ताव रखा गया है।
कर्ज का बोझ कम करने की रणनीति
Sadbhav Engineering ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी 37वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) आयोजित की। इस दौरान कंपनी ने 9 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किए, जिनका मुख्य उद्देश्य कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करना है। कंपनी ने कर्जदाताओं के बकाया NCD कूपन और चेयरमैन शशिन वी. पटेल के अनसिक्योर्ड लोन को इक्विटी शेयर्स में बदलने का प्रस्ताव रखा है।
क्यों है यह फैसला अहम?
यह कदम कंपनी की लिक्विडिटी सुधारने और नकदी के बजाय शेयर्स जारी कर देनदारियों को निपटाने की एक बड़ी कोशिश है। हालांकि, इस प्रक्रिया से मौजूदा शेयरधारकों के लिए डाइल्यूशन (Dilution) का जोखिम बना रह सकता है, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।
बोर्ड में नए चेहरे
कंपनी ने गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए अंकित किशोरभाई शाह और जलदीप प्रकाशभाई पटेल को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा ऑडिटर्स द्वारा उठाए गए सवालों पर मैनेजमेंट ने स्पष्टीकरण देकर पारदर्शिता दिखाने की कोशिश की है।
आगे क्या होगा?
ई-वोटिंग की प्रक्रिया 29 सितंबर, 2026 को पूरी हो चुकी है। अब निवेशकों को स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसे कंपनी को 2 कामकाजी दिनों के भीतर BSE और NSE के पास जमा करना होगा। यह रिपोर्ट ही तय करेगी कि कंपनी का यह कर्ज पुनर्गठन का प्लान सफल होता है या नहीं।
