Sacheta Metals के लिए FY26 का प्रदर्शन कमजोर रहा है। कंपनी का रेवेन्यू घटकर **₹83.70 करोड़** और नेट प्रॉफिट **₹2.03 करोड़** पर सिमट गया है, साथ ही ऑडिटर बदलने और कानूनी विवाद की खबरें भी सामने आई हैं।
कमजोर रहे फाइनेंशियल नतीजे
Sacheta Metals Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के जो आंकड़े जारी किए हैं, उनमें परफॉर्मेंस सुस्त नजर आ रही है। कंपनी का ऑपरेटिंग टर्नओवर घटकर ₹83.70 करोड़ रह गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹91.91 करोड़ था। कंपनी के नेट प्रॉफिट में भी गिरावट देखी गई है, जो इस साल ₹2.03 करोड़ पर रहा। नतीजों के बीच बोर्ड ने किसी भी फाइनल डिविडेंड का ऐलान नहीं किया है।
ऑडिटर में बदलाव
कंपनी में बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिले हैं। पुराने ऑडिटर M/s. Murali & Venkat के इस्तीफे के बाद, कंपनी ने 14 अगस्त, 2026 से M/s. Chandabhoy & Jassoobhoy को नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है। अब शेयरहोल्डर्स आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इस 5 साल की नियुक्ति पर अपनी मुहर लगाएंगे।
भविष्य की योजनाएं
सुस्ती के दौर के बीच कंपनी अपने बिजनेस को डायवर्सिफाई करने की कोशिश में है। मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि वे रियल एस्टेट और कॉपर किचन यूटेंसिल्स के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उतरने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, ये प्रोजेक्ट्स अभी शुरुआती दौर में ही हैं।
कानूनी पेंच और रिस्क
कंपनी के लिए एक पुरानी कानूनी मुसीबत अब भी बनी हुई है। 2013-14 के कमोडिटी हेजिंग ट्रांजैक्शंस को लेकर Metropolitan Stock Exchange of India Limited के साथ विवाद बॉम्बे हाई कोर्ट में पेंडिंग है। कुल ₹6.54 करोड़ के इस दावे में कंपनी को ₹4.12 करोड़ तक की संभावित देनदारी (Liability) का अनुमान है, जो कंपनी के वित्तीय जोखिम को बढ़ाती है।
