Saatvik Green Energy ने जून 2026 तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में **95%** की भारी गिरावट दर्ज की है, जो घटकर **₹5.36 करोड़** रह गया है। रेवेन्यू में भी कमी आई है, जो इस वित्तीय वर्ष की एक चुनौतीपूर्ण शुरुआत का संकेत देता है।
Q1 FY27 में Saatvik Green Energy के नतीजों में बड़ी गिरावट
Saatvik Green Energy ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय प्रदर्शन में साल-दर-साल (YoY) बड़ी गिरावट दर्ज की है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 95% घटकर ₹5.36 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह ₹116.60 करोड़ था। इसी के साथ, कंपनी का रेवेन्यू भी घटकर ₹511.01 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹915.73 करोड़ था।
इसके अलावा, कंपनी ने स्टैंडअलोन नतीजों में भी गिरावट दिखाई है। स्टैंडअलोन रेवेन्यू घटकर ₹333.24 करोड़ रह गया (जो पहले ₹377.80 करोड़ था) और स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹6.86 करोड़ तक गिर गया (जो पहले ₹8.78 करोड़ था)।
निवेशकों के लिए चिंता का सबब
नेट प्रॉफिट में आई यह भारी कमी निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। यह कंपनी की अल्पावधि में कमाई करने की क्षमता पर सवाल खड़े करती है। हालांकि, Melcon Transformers and Electricals Private Limited के अधिग्रहण से कंपनी अपने बिजनेस में विविधीकरण (Diversification) का संकेत दे रही है, लेकिन तिमाही के खराब नतीजों का निवेशकों के सेंटिमेंट पर नकारात्मक असर पड़ना तय है।
अधिग्रहण और IPO फंड का इस्तेमाल
तिमाही के दौरान, Saatvik Green Energy ने Melcon Transformers and Electricals Private Limited में 80% हिस्सेदारी ₹2.4 करोड़ में खरीदी है। यह अधिग्रहण कंपनी को सोलर एनर्जी के अलावा ट्रांसफार्मर और इलेक्ट्रिकल सेक्टर में उतरने का मौका देगा।
कंपनी ने यह भी बताया कि 30 जून, 2026 तक उसके IPO से मिले फंड में से ₹188.85 करोड़ अभी भी अप्रयुक्त (Unutilized) हैं। इन फंड्स का इस्तेमाल ओडिशा में 4 GW की सोलर पीवी (PV) मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी और सहायक कंपनी Saatvik Solar Industries Private Limited में कर्ज चुकाने के लिए किया गया है।
अकाउंटिंग पॉलिसी में बदलाव
इसके अतिरिक्त, कंपनी ने कच्चे माल और इन्वेंट्री वैल्यूएशन की अपनी अकाउंटिंग पॉलिसी में बदलाव किया है। रॉ मटेरियल की वैल्यूएशन मेथड को FIFO (फर्स्ट-इन, फर्स्ट-आउट) से बदलकर मूविंग वेटेड एवरेज कॉस्ट मेथड कर दिया गया है। यह बदलाव 31 मार्च, 2026 से पूर्वव्यापी (Retrospectively) रूप से लागू किया गया है। इस बदलाव के कारण, 30 जून, 2025 की तिमाही के कंसोलिडेटेड PAT में ₹2.22 करोड़ की कमी को रीस्टेट (Restate) किया गया है।
आगे क्या?
अब कंपनी का फोकस Melcon Transformers के इंटीग्रेशन और अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार पर रहेगा। निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि नया अधिग्रहण कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी में कैसे योगदान देता है और IPO फंड का बाकी हिस्सा कैसे इस्तेमाल किया जाता है।
जोखिम
मुख्य जोखिमों में Melcon Transformers का सफल इंटीग्रेशन, सोलर पीवी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी प्रोजेक्ट का कार्यान्वयन और प्रतिस्पर्धी रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में मार्जिन पर दबाव शामिल है। अकाउंटिंग पॉलिसी में बदलाव का भविष्य के नतीजों पर असर भी निगरानी के दायरे में रहेगा।
