SVC Industries ने अपनी 35वीं AGM का ऐलान कर दिया है, जिसमें कंपनी मथुरा स्थित अपनी जमीन बेचकर कर्ज चुकाने की तैयारी में है। साथ ही, कंपनी का फोकस डिफेंस और ग्रीन एनर्जी जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर्स में उतरने पर है।
बड़ा टर्नअराउंड प्लान
SVC Industries Limited अपनी 35वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को आयोजित करने जा रही है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य मथुरा के छाता में स्थित अपनी जमीन को मॉनेटाइज (Monetize) करके फाइनेंशियल देनदारियों को खत्म करना है। कंपनी 2018 में अपने PTA प्लांट के बंद होने के बाद से ही मुनाफे के लिए संघर्ष कर रही थी, और अब यह नया बदलाव एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।
डिफेंस और रिन्यूएबल में एंट्री
कंपनी ने अपने बिजनेस ऑब्जेक्ट क्लॉज में बदलाव का प्रस्ताव रखा है ताकि वह डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग (जैसे रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन), रिन्यूएबल एनर्जी और माइनिंग जैसे उभरते सेक्टरों में कारोबार शुरू कर सके। यह कंपनी के लिए एक बेहद हाई-स्टेक दांव है।
लीडरशिप में बड़े बदलाव
कंपनी ने अंबुज चतुर्वेदी को नया मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया है, जिनका कार्यकाल 5 साल का होगा। खास बात यह है कि जब तक कंपनी मुनाफे में नहीं आती, उन्हें कोई सैलरी नहीं मिलेगी। इसके अलावा, सोनल वाघेला को फरवरी 2027 से दूसरे 5 साल के कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त किया जाएगा।
निवेशकों के लिए जोखिम
जमीन की बिक्री से आने वाली लिक्विडिटी मार्केट की स्थितियों पर निर्भर करती है। डिफेंस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस में उतरने के लिए कंपनी को भारी निवेश की जरूरत होगी, जो कर्ज मुक्त होने के बाद की एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
आगे की राह
निवेशकों की नजर 30 सितंबर को होने वाली AGM की वोटिंग पर होनी चाहिए। कंपनी को कितनी वैल्यूएशन मिलती है और आने वाले समय में वे किस तरह की पार्टनरशिप्स या फंडिंग का ऐलान करते हैं, यह शेयर के लिए अहम ट्रिगर होगा।
