SVC Industries ने अपने बिजनेस का विस्तार करते हुए डिफेंस, एयरोस्पेस, रिन्यूएबल एनर्जी और माइनिंग सेक्टर में एंट्री का एलान किया है। साथ ही, कंपनी ने अंबुज चतुर्वेदी को नया मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है, जिनकी सैलरी मुनाफे से जुड़ी होगी।
बिजनेस में बड़ा बदलाव (Strategic Pivot)
SVC Industries ने अपने कामकाज को एक नई दिशा देने का फैसला किया है। कंपनी अब डिफेंस, एयरोस्पेस, रिन्यूएबल एनर्जी और माइनिंग जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर में अपना कारोबार फैलाएगी। यह कंपनी की पुरानी ऑपरेशंस से हटकर बड़े कैपिटल-इन्वेस्टमेंट वाले क्षेत्रों की ओर एक बड़ा कदम है।
नई लीडरशिप और परफॉर्मेंस-लिंक्ड पे
कंपनी ने अंबुज चतुर्वेदी को 5 साल के कार्यकाल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया है। गौर करने वाली बात यह है कि उनकी सैलरी पूरी तरह से कंपनी के मुनाफे पर आधारित होगी, यानी जब तक कंपनी प्रॉफिटेबल नहीं होती, तब तक उन्हें कोई पारिश्रमिक नहीं मिलेगा। यह फैसला मैनेजमेंट की जवाबदेही तय करने के नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है।
AGM में क्या होगा खास?
कंपनी 30 सितंबर, 2026 को अपनी 35वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) आयोजित करने जा रही है। इस दौरान शेयरधारकों से कई अहम प्रस्तावों पर मंजूरी ली जाएगी:
- लैंड मोनेटाइजेशन: मथुरा (उत्तर प्रदेश) स्थित कंपनी की जमीन को विकसित करने या बेचने का फैसला।
- गवर्नेंस: सोनल जितेंद्र वाघेला को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और अद्वैत चतुर्वेदी को नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त करना।
निवेशकों के लिए रिस्क और चेतावनी
इन नए सेक्टर में एंट्री तो अच्छी है, लेकिन अभी प्रोजेक्ट्स के शुरू होने की कोई ठोस समय-सीमा तय नहीं है। डिफेंस और रिन्यूएबल सेक्टर काफी कॉम्पिटिटिव हैं, इसलिए कंपनी वहां कॉन्ट्रैक्ट्स कैसे हासिल करेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। इसके अलावा, मथुरा की जमीन से जुड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में भी एग्जीक्यूशन रिस्क बना रहता है।
आने वाले समय में, AGM में होने वाली वोटिंग के नतीजे ही यह तय करेंगे कि मार्केट इस नए विजन को लेकर कितना उत्साहित है।
