SRU Steels ने FY26 के लिए **₹0.72 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। ऑडिटर M/s. Bihari Shah & Co. ने इन्वेंटरी और कंप्लायंस में खामियों के चलते 'Qualified Opinion' जारी किया है, जो निवेशकों के लिए चिंता का बड़ा विषय है।
बिगड़ते वित्तीय हालात और ऑडिट की आपत्ति
SRU Steels के लिए FY26 का फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी ने ₹0.72 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। लेकिन केवल घाटा ही नहीं, बल्कि कंपनी के कामकाज पर उठ रहे सवाल निवेशकों के लिए ज्यादा डराने वाले हैं। ऑडिटर M/s. Bihari Shah & Co. ने अपनी रिपोर्ट में 'Qualified Opinion' दिया है, जिसका सीधा मतलब है कि फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में पारदर्शिता की भारी कमी है।
क्यों है यह रेड फ्लैग?
ऑडिट रिपोर्ट में तीन मुख्य बातें निकलकर सामने आई हैं:
- इन्वेंटरी पर सवाल: कंपनी ने अपनी इन्वेंटरी की फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं की है, जिससे उसकी वैल्यू पर संदेह पैदा हो गया है।
- इनकम-एक्सपेंस की चूक: कंपनी ने अनसिक्योर्ड लोन पर होने वाले इंटरेस्ट एक्सपेंस और एडवांसेज पर मिलने वाली इंटरेस्ट इनकम को ठीक से रिपोर्ट नहीं किया है।
- कानूनी उल्लंघन: ऑडिटर ने Companies Act के सेक्शन 186 के उल्लंघन की ओर इशारा किया है, जो लोन और एडवांसेज देने के नियमों से जुड़ा है।
अब आगे क्या?
कंपनी ने अपनी 31वीं AGM (Annual General Meeting) 30 सितंबर, 2026 को बुलाई है। बुक क्लोजर 24 सितंबर से 30 सितंबर तक रहेगा। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि मैनेजमेंट इन गंभीर फाइनेंशियल और रेगुलेटरी खामियों पर क्या सफाई देता है और इन्हें सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
