SRM Contractors के निवेशकों ने 18वीं AGM में कंपनी के बड़े विस्तार को हरी झंडी दे दी है। कंपनी अब अपनी कर्ज लेने की क्षमता को **₹1,000 करोड़** से बढ़ाकर **₹2,000 करोड़** करेगी और साथ ही फंड जुटाने के लिए QIP और वारंट जारी करने की तैयारी में है।
बड़े विस्तार की तैयारी
SRM Contractors की 18वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी के भविष्य को लेकर 16 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगी है। कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए आक्रामक कदम उठाए हैं, जिससे भविष्य में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को हासिल करने में मदद मिलेगी।
पूंजी जुटाने की रणनीति
कंपनी ने केवल कर्ज सीमा ही नहीं बढ़ाई है, बल्कि फंड जुटाने के लिए दो नए रास्ते भी खोल दिए हैं:
- QIP (Qualified Institutional Placement): संस्थागत निवेशकों से फंड जुटाने की अनुमति मिल गई है।
- वारंट्स जारी करना: प्रमोटर ग्रुप को 19,34,236 पूरी तरह से कन्वर्टिबल वारंट्स जारी किए जाएंगे।
बोर्ड और गवर्नेंस में बदलाव
मैनेजमेंट के स्तर पर Ashley Mehta को अब एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही, कंपनी ने M/s Rohit KC Jain & Co. को अगले 5 साल के लिए अपना स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है।
ऑपरेशनल अपडेट्स
शेयरहोल्डर्स ने कंपनी की विभिन्न जॉइंट वेंचर्स जैसे SRM-RAJINDER, ECI-SRM, SRM-RSB और SRM-RKCPL के साथ-साथ MIPL और MESPL के बीच हुए ट्रांजैक्शंस को भी मंजूरी दे दी है।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालाँकि कंपनी के पास अब ज्यादा लिक्विडिटी (Liquidity) होगी, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि बढ़ती कर्ज सीमा से कंपनी के डेट-टू-इक्विटी अनुपात पर क्या असर पड़ता है। साथ ही, जॉइंट वेंचर्स में किसी भी तरह की देरी या ओवररन मार्जिन पर दबाव डाल सकती है।
