SRM Contractors ने अपनी 18वीं AGM में आक्रामक विस्तार की योजना पेश की है। कंपनी ने QIP के जरिए फंड जुटाने, प्रमोटर्स को वारंट जारी करने और अपनी कर्ज लेने की क्षमता को दोगुना करने का प्रस्ताव रखा है।
क्या है कंपनी की बड़ी योजना?
हाल ही में संपन्न हुई 18वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में SRM Contractors ने भविष्य के लिए बड़े रोडमैप पर मुहर लगाने की तैयारी की है। कंपनी का मुख्य फोकस बड़े प्रोजेक्ट्स को फंड करने के लिए पूंजी जुटाने पर है। कंपनी ने 19,34,236 पूरी तरह से कंवर्टिबल वारंट्स प्रमोटर ग्रुप को जारी करने का प्रस्ताव रखा है।
कर्ज और कैपिटल पर असर
कंपनी ने अपनी बोरिंग लिमिट (Borrowing Limit) को ₹1,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, कंपनी ने QIP (Qualified Institutional Placement) के जरिए भी बाजार से नया फंड जुटाने की अनुमति मांगी है। गवर्नेंस में बदलाव करते हुए एशले मेहता (Ashley Mehta) को अब एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मौजूदा शेयरहोल्डर्स अब ई-वोटिंग के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही इन फैसलों को आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा। हालांकि, कर्ज सीमा को दोगुना करने से कंपनी के लेवरेज रेशियो (Leverage Ratio) पर दबाव बढ़ सकता है। निवेशकों को कंपनी की डेट-सर्विसिंग क्षमता और QIP के कारण होने वाले इक्विटी डाइल्यूशन (Dilution) पर बारीकी से नजर रखने की सलाह दी जाती है।
अगला बड़ा ट्रिगर ई-वोटिंग के परिणाम और QIP की प्राइसिंग से जुड़े अपडेट्स होंगे, जो शेयर के मूवमेंट को तय करेंगे।
