इंसॉल्वेंसी (CIRP) से गुजर रही SKIL Infrastructure Limited ने दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी ने **₹174.44 लाख** का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया है।
मुनाफे के पीछे का सच
कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के अधीन काम कर रही SKIL Infrastructure ने दिसंबर तिमाही के लिए ₹174.44 लाख का नेट प्रॉफिट और ₹192.79 लाख की टोटल रेवेन्यू रिपोर्ट की है। वहीं, नौ महीने की अवधि के लिए कंपनी की कुल रेवेन्यू ₹4,748.93 लाख और नेट प्रॉफिट ₹4,647.71 लाख रहा है।
क्यों चिंता में हैं ऑडिटर्स?
कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स ने रिपोर्ट में कई गंभीर सवाल उठाए हैं:
- गोइंग कंसर्न रिस्क: कंपनी के भविष्य और ऑपरेशंस जारी रखने को लेकर भारी अनिश्चितता बनी हुई है।
- सीमित एक्सेस: ऑडिटर्स को कंपनी के पूरे बैंक स्टेटमेंट्स और जरूरी फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स तक पहुंच नहीं मिल पाई है।
- रिकॉर्ड में गड़बड़ी: रेजोल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा स्वीकार किए गए क्लेम और कंपनी की किताबों में दर्ज लायबिलिटीज के बीच अंतर पाया गया है। साथ ही, इंटरकंपनी लोन में ₹16.19 लाख का असंतुलन है।
आगे क्या होगा?
फरवरी 2024 से कंपनी का कंट्रोल रेजोल्यूशन प्रोफेशनल मिस्टर पुरुषोत्तम बेहरा के पास है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) द्वारा रेजोल्यूशन प्लान की मंजूरी पर टिकी हैं। NCLT की कार्यवाही ही कंपनी के भविष्य का फैसला करेगी।
