SKF India ने सितंबर तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने **₹518.1 मिलियन** का मुनाफा कमाया है, साथ ही हरिद्वार और पुणे प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए **₹1404 मिलियन** के निवेश की घोषणा की है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में SKF India का रेवेन्यू ₹5,958.1 मिलियन रहा। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹518.1 मिलियन दर्ज किया गया। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹5,877.9 मिलियन था, जिसके मुकाबले इस बार मामूली बढ़त दिखी है। हालांकि, नेट प्रॉफिट जून के ₹619.2 मिलियन से घटकर ₹518.1 मिलियन पर आ गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अक्टूबर 2025 में हुए डीमर्जर के चलते पिछले साल के आंकड़ों के साथ तुलना करना सही नहीं होगा।
क्षमता विस्तार और नई ब्रांडिंग
कंपनी ने भविष्य की डिमांड को देखते हुए हरिद्वार और पुणे स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की क्षमता बढ़ाने का फैसला किया है। इसके लिए कंपनी ₹1404 मिलियन का बड़ा निवेश करेगी, जिसे पूरी तरह से कंपनी के इंटरनल फंड्स (Internal Accruals) से पूरा किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का काम दिसंबर 2026 से शुरू होकर जुलाई 2027 तक चलेगा।
इसके अलावा, कंपनी ने अपना नया ब्रांड 'SKF Vertevo' लॉन्च किया है, जो 3 नवंबर 2026 से प्रभावी हो गया है। यह मोबिलिटी इनोवेशन के क्षेत्र में कंपनी की स्थिति को और मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
निवेशकों को यह समझना होगा कि इस विस्तार में 'एक्जीक्यूशन रिस्क' है। प्लांट की क्षमता का समय पर चालू होना कंपनी की भविष्य की कमाई के लिए बेहद जरूरी है। फिलहाल, बाजार के जानकारों का कहना है कि डीमर्जर के बाद बनी नई संरचना को देखते हुए, सालाना तुलना (YoY) के बजाय तिमाही-दर-तिमाही (Sequential) ग्रोथ ट्रेंड पर नजर रखना ज्यादा फायदेमंद होगा।
