SJ Corporation: बड़े कॉर्पोरेट बदलावों के बीच नए प्रमोटरों ने संभाली कमान
SJ Corporation Ltd एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। कंपनी के मैनेजमेंट और कंट्रोल में बड़े फेरबदल हुए हैं, बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है और रजिस्टर्ड ऑफिस भी शिफ्ट किया जा रहा है। कंपनी ने वर्किंग कैपिटल बढ़ाने के लिए जमीन बेचने की मंजूरी भी दे दी है।
क्या हुआ?
SJ Corporation Ltd ने घोषणा की है कि मौजूदा प्रमोटर 11.35% वोटिंग शेयर कैपिटल, जिसमें 49.20 लाख इक्विटी शेयर शामिल हैं, को ₹5.904 करोड़ में नए प्रमोटर ग्रुप को ट्रांसफर कर रहे हैं। इस सौदे के बाद कंपनी का बोर्ड पूरी तरह से नए सिरे से गठित होगा। इसके अलावा, कंपनी अपना रजिस्टर्ड ऑफिस मुंबई से गुजरात के राजकोट में शिफ्ट कर रही है। साथ ही, वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने के लिए सूरत की जमीन को कम से कम ₹1.405 करोड़ में बेचने की भी मंजूरी दी गई है। कंपनी ने Fishfa Rubbers Limited में भी मेजॉरिटी स्टेक का अधिग्रहण किया है, जिससे वह उसकी पूरी तरह से सब्सिडियरी बन गई है।
क्यों है ये अहम?
यह डेवलपमेंट SJ Corporation के मालिकाना हक और स्ट्रेटेजिक दिशा में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। नए प्रमोटरों और बोर्ड के आने से मैनेजमेंट और ऑपरेशंस में नया दृष्टिकोण देखने को मिलेगा। ऑफिस का शिफ्ट होना और एसेट की बिक्री, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और लिक्विडिटी पर फोकस करने वाले रीस्ट्रक्चरिंग एफर्ट्स का इशारा करते हैं। सब्सिडियरी का अधिग्रहण भी भविष्य में ग्रोथ के नए रास्ते खोल सकता है।
बैकस्टोरी
मौजूदा प्रमोटरों, Savji D Patel और Ushaben Savjibhai Patel, ने अपने शेयरों का ट्रांसफर पूरा कर लिया है। नए प्रमोटर ग्रुप में Pintu Kanjibhai Kalavadia, Prashant Kanjibhai Kalavadia, Umang Kantilal Savani, और Kalpesh Patel शामिल हैं। कंपनी के 31 मार्च, 2026 तक के सबसे हालिया ऑडिटेड नतीजों के अनुसार, स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹4.2566 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹0.3411 करोड़ था, जबकि कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹7.7207 करोड़ और नेट लॉस ₹0.6099 करोड़ दर्ज किया गया था।
अब क्या बदलेगा?
Pintu Kanjibhai Kalavadia, मैनेजिंग डायरेक्टर और Prashant Kanjibhai Kalavadia, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के नेतृत्व वाला नया प्रमोटर ग्रुप अब कंपनी को आगे ले जाएगा। राजकोट में ऑफिस शिफ्ट करने का मकसद नए मैनेजमेंट के बेस के साथ ऑपरेशंस को अलाइन करना है। सूरत की जमीन की बिक्री से वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए तुरंत फंड मिलने की उम्मीद है।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
निवेशकों को यह देखना होगा कि नया मैनेजमेंट एक्वायर्ड सब्सिडियरी को कैसे इंटीग्रेट करता है और पिछले उपलब्ध नतीजों में बताए गए कंसॉलिडेटेड लॉस को कैसे मैनेज करता है। एसेट मोनेटाइजेशन की सफलता और राजकोट में नए ऑपरेशनल बेस की एफिशिएंसी अहम साबित होगी।
आगे क्या देखें
निवेशकों को रजिस्टर्ड ऑफिस के शिफ्ट होने की प्रोग्रेस, सूरत में जमीन की बिक्री का पूरा होना और नई एक्वायर्ड Fishfa Rubbers Limited के परफॉरमेंस पर नजर रखनी चाहिए। नए मैनेजमेंट के तहत कंपनी के भविष्य के फाइनेंशियल रिजल्ट्स प्रमुख इंडिकेटर होंगे।
