SIS Ltd Share Price: धमाकेदार नतीजे! रेवेन्यू में **29.7%** की उछाल, **₹106 करोड़** का बायबैक मंजूर

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AuthorNeha Patil|Published at:
SIS Ltd Share Price: धमाकेदार नतीजे! रेवेन्यू में **29.7%** की उछाल, **₹106 करोड़** का बायबैक मंजूर

SIS Limited ने Q1 FY27 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **29.7%** बढ़कर **₹4,603.6 करोड़** हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट **9.4%** की बढ़त के साथ **₹101.7 करोड़** रहा। कंपनी ने **₹106 करोड़** के शेयर बायबैक को भी मंजूरी दी है।

SIS Limited के Q1 FY27 के नतीजे

SIS Limited ने अपने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं, जो काफी दमदार नजर आ रहे हैं। कंपनी ने 29.7% की जोरदार बढ़त के साथ ₹4,603.6 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 9.4% की तेजी से बढ़कर ₹101.7 करोड़ पर पहुंच गया है।

शेयरधारकों के लिए खुशखबरी: बायबैक को मंजूरी!

नतीजों के साथ ही, SIS Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने पांचवें शेयर बायबैक (Share Buyback) प्रोग्राम को भी हरी झंडी दे दी है। कंपनी ₹106 करोड़ तक के शेयर वापस खरीदेगी, जिसकी अधिकतम कीमत ₹478.50 प्रति शेयर तय की गई है। यह कदम कंपनी के मैनेजमेंट का शेयरधारकों के प्रति विश्वास और वैल्यू लौटाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

क्यों खास हैं ये नतीजे?

यह मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ SIS Limited की विभिन्न सर्विस सेगमेंट्स में अच्छी डिमांड की ओर इशारा करती है। शेयर बायबैक की घोषणा से निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी अपने खर्चों और वर्किंग कैपिटल को कैसे मैनेज करती है।

कंपनी की पृष्ठभूमि

SIS Limited, इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी और फैसिलिटी मैनेजमेंट सॉल्यूशंस की एक प्रमुख कंपनी है। भारत के अलावा, कंपनी की ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मजबूत उपस्थिति है। यह पांचवां बायबैक प्रोग्राम है, जो कंपनी की ओर से शेयरधारकों को पूंजी लौटाने की एक स्थापित प्रक्रिया को दिखाता है।

आगे क्या?

यह बायबैक ओपन मार्केट मैकेनिज्म के जरिए होगा, जहां निवेशक ₹478.50 तक की कीमत पर अपने शेयर बेच सकेंगे। कंपनी को उम्मीद है कि लेबर कोड्स (Labour Codes) का कार्यान्वयन भविष्य में उसके मार्जिन और वर्किंग कैपिटल को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।

जोखिम पर भी नजर

हालांकि, कंपनी को ऑस्ट्रेलिया में लेबर की लगातार कमी से जूझना पड़ रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सेगमेंट की लेबर कॉस्ट बढ़ रही है। इसके अलावा, Q1 FY27 में कंपनी का नेट डेट टू EBITDA रेशियो बढ़कर 1.05x हो गया है, जिसका मुख्य कारण डेज सेल्स आउटस्टैंडिंग (DSO) में हुई वृद्धि है।

भविष्य में क्या देखें?

निवेशक अब SIS Limited पर लेबर कोड्स के अमल के असर और मार्जिन तथा वर्किंग कैपिटल पर इसके प्रभाव पर बारीकी से नजर रखेंगे। ऑस्ट्रेलिया में लेबर कॉस्ट का दबाव और DSO का मैनेजमेंट भी महत्वपूर्ण कारक रहेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.