झारखंड हाईकोर्ट ने SEPC Ltd को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार द्वारा कंपनी के **7** वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट्स रद्द करने के नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह राहत फिलहाल **30 नवंबर, 2026** तक बरकरार रहेगी।
कानूनी मोर्चे पर SEPC की जीत
झारखंड हाईकोर्ट ने कंपनी के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए सरकार के उस फैसले पर अंतरिम रोक (ad-interim stay) लगा दी है, जिसके तहत कंपनी के 7 रूरल वाटर सप्लाई एग्रीमेंट्स को रद्द करने का नोटिस जारी किया गया था। इस आदेश के बाद अब इन प्रोजेक्ट्स का काम फिलहाल नहीं रुकेगा।
निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
कंपनी ने 25 अक्टूबर, 2026 को एक्सचेंज को सूचना दी थी कि उसे इन 7 प्रोजेक्ट्स को रद्द करने के नोटिस मिले हैं। अगर ये कॉन्ट्रैक्ट्स रद्द हो जाते, तो कंपनी के ऑर्डर बुक और रेवेन्यू पर गहरा असर पड़ सकता था। हाईकोर्ट का यह आदेश कंपनी के कामकाज में होने वाली तत्काल रुकावट को रोकने में सफल रहा है।
आगे की राह और रिस्क
भले ही अभी के लिए काम जारी रखने की अनुमति मिल गई है, लेकिन यह कानूनी लड़ाई पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 30 नवंबर, 2026 को होनी है। कंपनी ने साफ किया है कि वह अपने कॉन्ट्रैक्ट्स की सुरक्षा के लिए सभी कानूनी विकल्प अपनाएगी। निवेशकों के लिए सलाह है कि जब तक विवाद का स्थाई समाधान नहीं निकल जाता, तब तक इस मामले पर नजर बनाए रखें क्योंकि सरकारी प्रोजेक्ट्स से जुड़ी अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।
