SEPC Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट पिछले साल के ₹24.84 करोड़ से बढ़कर ₹53.84 करोड़ पर पहुंच गया है, जिसके पीछे विदेशी ऑपरेशंस की बड़ी भूमिका रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की इनसाइड स्टोरी
SEPC Ltd के नतीजों में कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस के बीच बड़ा अंतर दिखा है। जहां कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹1,054.50 करोड़ हो गया, वहीं स्टैंडअलोन आय घटकर ₹579.09 करोड़ रही। कंपनी ने हाल ही में ₹350 करोड़ का राइट्स इश्यू भी पूरा किया है।
नई खरीदारी और विस्तार
कंपनी ने अपने कारोबार को मिडिल ईस्ट में फैलाने के लिए अबू धाबी स्थित Avenir International Engineers and Consultants में 90% हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया है। यह डील ₹1,530 करोड़ के शेयर-स्वैप के जरिए की जाएगी। बोर्ड ने कंपनी के कामकाज को रफ्तार देने के लिए उधार लेने की सीमा को बढ़ाकर ₹7,500 करोड़ कर दिया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
नतीजों में चमक के बावजूद, ऑडिटर्स ने कुछ गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कंपनी के ₹281.88 करोड़ के 'डेफर्ड टैक्स एसेट्स' और ₹148.83 करोड़ के बकाया ट्रेड रिसीवेबल्स की रिकवरी पर ऑडिटर्स ने संदेह जताया है। अगर ये पैसे समय पर नहीं मिले, तो बैलेंस शीट पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि वे मध्यस्थता (Arbitration) के जरिए इन पैसों की वसूली में जुटे हैं।
आगे का रास्ता
कंपनी की झोली में अभी करीब ₹10,000 करोड़ का ऑर्डर बुक है, जिसमें SAIL का ₹1,527 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट भी शामिल है। आने वाले समय में बाजार की नजरें इस बात पर होंगी कि कंपनी किस तरह इन अटके हुए पैसों की वसूली करती है और Avenir के साथ तालमेल कैसे बिठाती है।
