SAR Auto Products ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹41.77 लाख** से बढ़कर **₹66.62 लाख** पहुंच गया है। अब कंपनी अपने पारंपरिक ऑटोमोबाइल गियर्स बिजनेस से हटकर डिफेंस और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एंट्री की योजना बना रही है।
मुनाफे में बड़ी बढ़त और कामकाज का दायरा
कंपनी ने अपने 39वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) से पहले फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की रिपोर्ट जारी की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹66.62 लाख हो गया है, जबकि ऑपरेशंस से रेवेन्यू मामूली बढ़त के साथ ₹14.35 करोड़ दर्ज किया गया है।
डिफेंस और एयरोस्पेस में बड़ा दांव
SAR Auto Products अब अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाने के लिए डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में कदम रखना चाहती है। इसके लिए कंपनी अपने 'मेन ऑब्जेक्ट क्लॉज' (Main Object Clause) में बदलाव करने की मंजूरी शेयरधारकों से मांगेगी। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो यह कंपनी के ग्रोथ ट्रैक को पूरी तरह बदल सकता है।
बोर्ड में बदलाव और कॉर्पोरेट गवर्नेंस
कंपनी के बोर्ड में भी फेरबदल हुआ है। विजय नरेंद्रभाई कालरिया के इस्तीफे के बाद हर्ष मुकेशभाई राडिया को एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। साथ ही, होल-टाइम डायरेक्टर श्रेयस आर. विरानी का सालाना वेतन ₹24 लाख करने का प्रस्ताव है। निवेशकों की नजर विरानी एस्टेट कॉर्पोरेशन के साथ होने वाले ₹10 करोड़ तक के ट्रांजैक्शन पर भी होगी, जो कंपनी के कुल रेवेन्यू के मुकाबले काफी बड़ा है।
क्या हैं चुनौतियां और आगे का रास्ता?
ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी की एक्सपोर्ट सेल शून्य रही है। ऐसे में डिफेंस जैसे प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में उतरना कंपनी के लिए कितना चुनौतीपूर्ण होगा, यह देखने वाली बात है। 28 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM के नतीजे तय करेंगे कि कंपनी की आने वाले समय में स्ट्रेटेजी क्या होगी।
