S.A.L. Steel Ltd ने अपने कामकाज को पटरी पर लाने के लिए पोस्टल बैलट के जरिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगी है। कंपनी अपने प्रमोटर ग्रुप, खासकर Sree Metaliks Ltd के साथ हुए पिछले लेन-देन को नियमित करने और भविष्य के वित्तीय समझौतों को अधिकृत करने की तैयारी में है।
भारी-भरकम ट्रांजेक्शन की तैयारी
S.A.L. Steel लिमिटेड ने अपने फाइनेंशियल ऑपरेशंस को व्यवस्थित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी अब ₹403.29 करोड़ के पुराने ट्रांजेक्शन को नियमित करने और भविष्य के लिए ₹1,400 करोड़ तक की वित्तीय सीमा तय करने के लिए शेयरहोल्डर्स की मुहर चाहती है। यह मंजूरी 20 नवंबर, 2026 से प्रभावी होगी।
क्यों पड़ी है जरूरत?
हालिया टेकओवर के बाद कंपनी को अपने कामकाज को स्थिर करने के लिए काफी कैपिटल और रॉ-मटीरियल की जरूरत है। फिलहाल कंपनी में Sree Metaliks Limited की हिस्सेदारी 57.51% है। अपनी उत्पादन क्षमता को बनाए रखने और मशीनरी के ओवरहाल के लिए कंपनी प्रमोटर ग्रुप, मुख्य रूप से Sree Metaliks Ltd और Lawrence Merchants Pvt Ltd पर निर्भर है।
पिछले सौदे और भविष्य की चुनौतियां
कंपनी ने Lawrence Merchants से ₹228.67 करोड़ का अनसिक्योर्ड लोन लिया था, जिसे अब शेयरहोल्डर्स की मंजूरी से वैध बनाया जा रहा है। इसके अलावा, ₹500 करोड़ की कॉर्पोरेट गारंटी समेत कई वित्तीय सीमाओं को नवंबर 2027 तक के लिए अप्रूव किया जाना है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि कंपनी का फाइनेंशियल फ्लो पूरी तरह से प्रमोटर-लेड फंडिंग पर टिका है। हालांकि कंपनी का कहना है कि ये सौदे 'आर्म्स लेंथ' (निष्पक्ष) आधार पर हैं, लेकिन प्रमोटर ग्रुप की किसी भी वित्तीय समस्या का सीधा असर S.A.L. Steel की लिक्विडिटी पर पड़ सकता है।
आगे क्या?
ई-वोटिंग की विंडो 18 नवंबर, 2026 तक खुली है और नतीजे 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इस फैसले में प्रमोटर्स और विवादित डायरेक्टर्स वोट नहीं कर सकते, इसलिए निर्णय पूरी तरह पब्लिक शेयरहोल्डर्स के हाथ में है।
