S.A.L. Steel Limited के लिए FY26 उतार-चढ़ाव भरा रहा। कंपनी का रेवेन्यू **₹544.98 करोड़** से घटकर **₹207.58 करोड़** रह गया है, जिसकी मुख्य वजह प्लांट का बंद रहना और ओनरशिप का बदलना है। Sree Metaliks Limited ने **57.51%** हिस्सेदारी के साथ कमान संभाल ली है और अब पूरा फोकस नई मैनेजमेंट टीम पर है।
बड़े बदलाव का दौर
S.A.L. Steel Limited ने अपने FY26 के एनुअल रिजल्ट्स पेश कर दिए हैं। इस साल कंपनी के लिए सबसे बड़ा घटनाक्रम Sree Metaliks Limited द्वारा 57.51% कंट्रोलिंग स्टेक का अधिग्रहण रहा। इस मालिकाना हक के बदलाव और इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव के लिए कंपनी का प्लांट सितंबर 2025 से फरवरी 2026 तक बंद रहा, जिसका सीधा असर कमाई पर दिखा।
घाटे पर लगाम
हालाँकि रेवेन्यू में भारी कमी आई है, लेकिन कंपनी ने अपने नेट लॉस को सीमित रखने में सफलता पाई है, जो इस बार ₹0.35 करोड़ रहा। चूंकि कंपनी अभी भी पुराने नुकसानों से जूझ रही है, इसलिए इस साल कोई डिविडेंड (Dividend) घोषित नहीं किया गया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि नई मैनेजमेंट प्रोडक्शन को वापस रफ्तार कैसे देती है।
नई बोर्ड टीम और रणनीति
बोर्ड का पूरी तरह से पुनर्गठन (Reconstitution) किया गया है।
- महेश कुमार अग्रवाल: चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर
- कौस्तुभ अग्रवाल: मैनेजिंग डायरेक्टर
- अनिल कुमार सिंह: होल-टाइम डायरेक्टर और CFO
आगे क्या ट्रैक करें?
कंपनी ने पास्ट में हुई कुछ रेगुलेटरी कमियों को स्वीकार किया है और एक्सचेंज की पेनल्टी चुका दी है। अब निवेशकों को कंपनी के तिमाही प्रोडक्शन रिपोर्ट्स पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि नई टीम पावर जनरेशन और रॉ मटेरियल कॉस्ट को मैनेज करने में कितनी सक्षम है।
