Rushil Decor FY26 में भारी मुनाफा गिरावट के साथ
Rushil Decor Limited के लिए वित्तीय वर्ष 2026 (31 मार्च 2026 को समाप्त) एक बड़ी चुनौती बनकर आया। कंपनी ने कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 86.67% की भारी गिरावट दर्ज की है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025 में जहां कंपनी ने ₹47.88 करोड़ का मुनाफा कमाया था, वहीं FY26 में यह लुढ़ककर सिर्फ ₹6.38 करोड़ रह गया।
क्या हैं गिरावट के पीछे के कारण?
इस मुनाफा (Profit) में भारी कमी की मुख्य वजह कंपनी के आंध्र प्रदेश स्थित मीडियम डेंसिटी फाइबरबोर्ड (MDF) प्लांट में लगी आग की घटना और रेसिन (Resin) की बढ़ी हुई कीमतों को बताया जा रहा है। इन सबके साथ-साथ कच्चे माल की कीमतों में आई अस्थिरता ने भी कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर गहरा असर डाला है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Revenue) भी FY25 के ₹897.94 करोड़ से घटकर FY26 में ₹862.24 करोड़ हो गया, जो कि 3.98% की गिरावट है। एडजस्टेड EBITDA भी 22.58% घटकर ₹80.07 करोड़ पर आ गया।
आगे की रणनीति क्या है?
इन चुनौतियों से निपटने के लिए Rushil Decor ने कमर कस ली है। कंपनी 1 अप्रैल 2026 से MDF पर करीब 15% और लैमिनेट्स पर 10% की मूल्य वृद्धि (Price Hike) लागू कर चुकी है। साथ ही, कंपनी वैल्यू-एडेड MDF बोर्ड्स पर अपना फोकस बढ़ा रही है, ताकि FY27 तक इनकी हिस्सेदारी कुल मात्रा का 50% और राजस्व का 60% हो सके। गुजरात में Jumbo Laminates प्लांट का विस्तार भी कंपनी की योजनाओं का अहम हिस्सा है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
जहां एक ओर मुनाफा (Profit) में आई भारी गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, वहीं कंपनी अपने कर्ज को कम करने (Deleveraging) पर भी ध्यान दे रही है। FY26 में नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो सुधरकर 0.39x हो गया है, जो FY24 में 0.53x था। इसके अलावा, इंडिया लैमिनेट्स और इंडिया MDF सेगमेंट में क्रमशः 21.0% और 12.5% की ग्रोथ घरेलू बाजार में कंपनी की पकड़ को दिखाती है।
