Rushabh Precision Bearings ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को **₹22.64 लाख** का नेट लॉस हुआ है, जबकि ऑपरेशनल रेवेन्यू **शून्य (nil)** रहा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में कंपनी को ₹22.64 लाख का नेट लॉस हुआ है। कंपनी फिलहाल अपने पोस्ट-CIRP दौर में है, जिस कारण कामकाज पूरी तरह ठप है और रेवेन्यू से कोई कमाई नहीं हुई है। वर्तमान में इसके शेयर BSE और NSE दोनों ही एक्सचेंजों पर सस्पेंडेड (suspended) हैं।
री-लिस्टिंग का लंबा इंतजार
अक्टूबर 2023 में NCLT द्वारा अप्रूव्ड रेजोल्यूशन प्लान के बाद कंपनी नई मैनेजमेंट के हाथों में है। फिलहाल शेयरहोल्डर्स को सस्पेंशन हटने का इंतजार है, जिसके लिए कंपनी को ISIN जनरेशन और एक्सचेंज से जरूरी मंजूरी हासिल करनी है।
गवर्नेंस और कंप्लायंस में खामियां
हालिया सेक्रेटेरियल ऑडिट में कई गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। कंपनी न तो इंटरनल ऑडिटर नियुक्त कर पाई और न ही समय पर रेगुलेटरी फाइलिंग पूरी की। सॉफ्टवेयर इंप्लीमेंटेशन में देरी का हवाला देते हुए SDD कंप्लायंस सर्टिफिकेट भी जमा नहीं किया गया है। बोर्ड ने इन गलतियों को स्वीकार किया है और अब कंप्लायंस फ्रेमवर्क को मजबूत करने की बात कही है।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी का बिजनेस अभी ऑपरेशनल नहीं है। रेगुलेटरी फाइलिंग में देरी और नियमों का पालन न कर पाना प्रबंधन की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े करता है। जब तक शेयर सस्पेंशन नहीं हटता और कंपनी अपना कामकाज शुरू नहीं करती, तब तक अनिश्चितता बनी रहेगी।
