Rungta Irrigation के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 मिला-जुला रहा है। कंपनी का रेवेन्यू घटकर **₹181.18 करोड़** और प्रॉफिट **₹5.49 करोड़** रह गया है। फंड्स बचाने के लिए कंपनी ने इस साल डिविडेंड न देने का निर्णय लिया है।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर एक नजर
कंपनी ने अपनी एनुअल रिपोर्ट में बताया कि मार्केट में उतार-चढ़ाव और कीमतों के दबाव के चलते प्रदर्शन पर असर पड़ा है। पिछले साल के मुकाबले नेट रेवेन्यू ₹219.35 करोड़ से गिरकर ₹181.18 करोड़ पर आ गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी ₹6.22 करोड़ से घटकर ₹5.49 करोड़ रह गया है।
क्यों नहीं मिला डिविडेंड?
कंपनी के बोर्ड ने पूंजी को सुरक्षित रखने (Cash Conservation) के मकसद से निवेशकों को इस बार डिविडेंड न देने का फैसला किया है। अब तमाम निवेशकों की निगाहें 29 सितंबर, 2026 को होने वाली 42वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी हैं।
बड़े लेन-देन की तैयारी
AGM में शेयरधारकों की मंजूरी के लिए कंपनी दो बड़े प्रपोजल पेश करेगी:
- Gladiolus Finance Consultants Private Limited से ₹45 करोड़ तक की लोन फैसिलिटी, जिस पर 6% ब्याज दर तय की गई है।
- Rungta Irrigation Systems Private Limited के साथ बिक्री और खरीद के सौदे, जिनकी कुल वैल्यू ₹70 करोड़ तक हो सकती है।
आगे की राह और रिस्क
निवेशकों को प्लास्टिक रेजिन (Plastic Resins) और पीवीसी (PVC) जैसी कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए, जो मार्जिन को सीधे प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, कंपनी की सरकारी स्कीम जैसे 'जल जीवन मिशन' और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' पर निर्भरता के कारण कैश-फ्लो मैनेजमेंट पर निवेशकों का खास ध्यान होना चाहिए।
