Rudra Ecovation: घाटे में डूबी कंपनी, NCLT के फैसले पर टिकी निवेशकों की नजर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Rudra Ecovation: घाटे में डूबी कंपनी, NCLT के फैसले पर टिकी निवेशकों की नजर

Rudra Ecovation Ltd ने FY 2025-26 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹4.07 करोड़** पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू **₹32.16 करोड़** रहा। अब निवेशकों की नजर Shiva Texfabs Limited के साथ होने वाले मर्जर पर NCLT के फैसले पर टिकी है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल

कंपनी ने अपनी फाइनेंशियल रिपोर्ट में बताया कि रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी मुनाफे में नहीं आ पाई है। पिछले साल रेवेन्यू ₹27.35 करोड़ था, जो इस साल बढ़कर ₹32.16 करोड़ हुआ है। इसके बावजूद, नेट लॉस ₹3.29 करोड़ से बढ़कर ₹4.07 करोड़ तक पहुंच गया है। कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण कंपनी ने इस बार कोई भी डिविडेंड न देने का फैसला लिया है।

NCLT पर टिकीं निगाहें

इन्वेस्टर्स के लिए सबसे बड़ा अपडेट Shiva Texfabs Limited के साथ मर्जर का है। NCLT ने 21 अगस्त, 2026 को इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली है और अब ऑर्डर रिजर्व कर लिया गया है। यह मर्जर कंपनी के फ्यूचर स्ट्रक्चर के लिए काफी अहम माना जा रहा है।

वारंट्स और बोर्ड में बदलाव

कैपिटल जुटाने की कोशिशों में कंपनी को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है। 49.60 लाख वारंट्स सफलतापूर्वक इक्विटी शेयर में बदल गए, लेकिन पेमेंट न मिलने की वजह से 26.87 लाख वारंट्स जब्त (Forfeit) कर लिए गए हैं, जिनमें Shiva Spinfab Private Limited और दिनेश पारेख के हिस्से भी शामिल थे।

बोर्ड लेवल पर बड़े बदलाव किए गए हैं। राहुल कपूर को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और इंदरप्रीत सिंह को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, ज्ञान चंद ठाकुर को 5 साल के लिए दोबारा होल-टाइम डायरेक्टर बनाया गया है, लेकिन कंपनी की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें कोई सैलरी नहीं मिलेगी।

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